महाशिवरात्रि में अभिषेक करने के शास्त्रीय लाभ (रुद्राभिषेक द्रव्य एवं उनके दिव्य फल)
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संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री। महाशिवरात्रि की पावन रात्रि में भगवान शिव का अभिषेक करना सहस्र यज्ञ, दान और तप के समान फलदायी माना गया है। शास्त्रों में प्रत्येक द्रव्य का अलग-अलग आध्यात्मिक एवं लौकिक फल बताया गया है –
अभिषेक द्रव्य एवं लाभ
- दूध से अभिषेक-पुत्र प्राप्ति, दीर्घायु, प्रमेह रोग शांति
- घृत (घी) से अभिषेक- वंश वृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, धन-संपत्ति
- मधु (शहद) से अभिषेक-पाप क्षय, रोग नाश, धन लाभ
- शर्करा मिश्रित दूध-तीव्र बुद्धि, स्मरण शक्ति, विद्यार्थियों हेतु अत्यंत श्रेष्ठ
- गन्ना रस- लक्ष्मी कृपा, व्यापार वृद्धि, आर्थिक उन्नति
- गंध जल / सुगंधित जल-सौभाग्य, समृद्धि, सुख-शांति
- कुशोदक- रोग निवारण, नकारात्मकता नाश
- सरसों तेल-शत्रु बाधा नाश, कर्ज मुक्ति, न्याय विजय
- शुद्ध जल-वर्षा, समृद्धि, सामान्य पुण्यवृद्धि
- दही- पशुधन वृद्धि, गृहस्थ सुख
- गंगाजल-पाप विमोचन, मोक्ष मार्ग प्रशस्त
- तीर्थजल-मुक्ति, पूर्वज दोष शांति, आध्यात्मिक उन्नति
विशेष शिवरात्रि लाभ
महाशिवरात्रि की रात्रि में किया गया अभिषेक देता है —
✔️ ग्रहदोष शांति
✔️ कालसर्प दोष निवारण
✔️ विवाह/संतान बाधा दूर
✔️ मानसिक तनाव शांति
✔️ रोग मुक्ति
✔️ धन-समृद्धि
✔️ मनोकामना सिद्धि
✔️ शिव कृपा एवं मोक्ष
शास्त्र वचन
“अभिषेकप्रियः शम्भुः”
भगवान शिव अभिषेक से शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
✍️ आचार्य संदेश
महाशिवरात्रि की रात्रि में श्रद्धा से किया गया एक लोटा जल भी जीवन बदल सकता है।







