सोना-बाबू की मीठी बातों में फंसा चांदी कारोबारी, 55 लाख रुपये की ठगी हनीट्रैप और ऑनलाइन निवेश के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में एक चांदी कारोबारी के साथ हनीट्रैप और ऑनलाइन निवेश के नाम पर 55 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। युवती की मीठी-मीठी बातों और विदेश में काम दिलाने के झांसे में आकर कारोबारी ने अपनी गाढ़ी कमाई गंवा दी। जब रुपये वापस मांगने पर धमकियां मिलने लगीं, तब जाकर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
चकेरी निवासी पीड़ित कारोबारी के अनुसार, उसकी पहचान एक युवती से हुई, जिसने खुद को भरोसेमंद बताते हुए अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित WISH-E-Commerce नामक कंपनी में काम दिलाने और निवेश पर कई गुना मुनाफा देने का लालच दिया। धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदली और फिर निवेश के नाम पर रुपये ट्रांसफर कराने का सिलसिला शुरू हो गया।
चार नवंबर 2025 से नए साल में ऑर्डर पिकअप का काम शुरू कराने के नाम पर कारोबारी से लगातार भुगतान कराया गया। अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस और ऑनलाइन माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई जाती रही। 24 दिसंबर को कानपुर के न्यू अंबेडकर नगर निवासी एक व्यक्ति के एक्सिस बैंक खाते में सात लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद फिर तीन लाख रुपये और जमा कराने के लिए दूसरे खाते की जानकारी दी गई।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने संदेह के चलते पैसे देने से मना किया तो आरोपियों ने धमकी दी कि यदि 26 दिसंबर तक तीन लाख रुपये नहीं दिए गए, तो अब तक जमा की गई पूरी रकम वापस नहीं मिलेगी। इसी के बाद उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर सेल की शुरुआती जांच में ठगी का आईपी एड्रेस कैलिफोर्निया (यूएसए) का पाया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह पुराना और संगठित साइबर फ्रॉड पैटर्न है, जिसमें पहले सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए मित्रता की जाती है, फिर विदेशी कंपनी और भारी मुनाफे का झांसा देकर लोगों को निवेश के जाल में फंसा लिया जाता है।
साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक खातों की जानकारी खंगाली जा रही है। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति, विदेशी कंपनी या ऑनलाइन निवेश योजना पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें, वरना एक छोटी सी गलती जीवन भर की कमाई पर भारी पड़ सकती है।






