नए साल की शुरुआत में परिवहन नियमों में बड़ा बदलाव प्रदूषण जांच महंगी, कमर्शियल वाहनों पर वीएलटीडी और पैनिक बटन अनिवार्य

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संवाद 24 संवाददाता। नए साल के पहले ही दिन परिवहन विभाग ने व्यावसायिक वाहनों के संचालन से जुड़े अहम बदलाव लागू कर दिए हैं। 1 जनवरी 2026 से जहां प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (पीयूसी) बनवाना महंगा हो गया है, वहीं मैक्सी कैब, मोटर कैब और बस जैसे कमर्शियल वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था का मकसद यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ वाहनों की निगरानी को मजबूत करना है।

नए वाहनों पर तुरंत लागू, पुराने को मिली मोहलत
परिवहन विभाग के अनुसार 1 जनवरी 2026 से पंजीकृत होने वाले सभी नए व्यावसायिक वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन पहले से लगे होना अनिवार्य होगा। वहीं, पहले से पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों को यह डिवाइस लगवाने के लिए मार्च 2026 तक का समय दिया गया है। प्रदेश की एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (आईटी) की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

कानपुर नगर के उप संभागीय परिवहन कार्यालय में पंजीकृत आंकड़ों पर नजर डालें तो 205 मैक्सी कैब, 3,895 मोटर कैब और 7,527 बसें कुल 11,627 व्यावसायिक वाहन अब तक बिना वीएलटीडी के संचालित हो रहे थे। परिवहन विभाग की टीम 1 अप्रैल से ऐसे वाहनों की सघन जांच करेगी और नियमों का पालन न करने पर चालान और सीज की कार्रवाई की जाएगी।

कमांड सेंटर से होगी लाइव निगरानी
वीएलटीडी और पैनिक बटन लगने से आपात स्थिति में वाहन की लोकेशन तुरंत ट्रेस की जा सकेगी और राहत-बचाव कार्य में तेजी आएगी। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह के निर्देश पर मुख्यालय में स्थापित कमांड सेंटर से वाहनों की लाइव ट्रैकिंग, लोकेशन और निगरानी की जाएगी। इससे महिला यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को नया बल मिलने की उम्मीद है।

एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि पुराने वाहनों में वीएलटीडी की अनिवार्यता 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह लागू होगी। इसके बाद जिन वाहन मालिकों ने डिवाइस नहीं लगवाई होगी, उनके वाहनों के नवीनीकरण, फिटनेस और पीयूसीसी से जुड़े कार्य नहीं किए जाएंगे।

प्रदूषण जांच शुल्क में बढ़ोतरी
नए साल के साथ ही प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र बनवाने की फीस में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। 1 जनवरी 2026 से पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों के लिए पीयूसी शुल्क 70 रुपये, पेट्रोल/एलपीजी/सीएनजी से चलने वाले तीन और चार पहिया वाहनों के लिए 90 रुपये तथा डीजल वाहनों के लिए 120 रुपये निर्धारित किया गया है। इससे पहले यह शुल्क क्रमशः 65, 85 और 115 रुपये था। यानी हर श्रेणी में पांच रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो जिले के सभी प्रदूषण जांच केंद्रों पर लागू होगी।

सुरक्षा और पर्यावरण पर जोर
परिवहन विभाग के इन फैसलों को सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जहां वीएलटीडी और पैनिक बटन से यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी, वहीं पीयूसी शुल्क में बढ़ोतरी से प्रदूषण नियंत्रण को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। नए नियमों के साथ वर्ष 2026 की शुरुआत परिवहन व्यवस्था में सख्ती और जिम्मेदारी का संदेश दे रही है।

Pavan Singh
Pavan Singh

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