कानपुर हादसा: नववर्ष की पूर्व संध्या पर टूटा एक परिवार का सपना
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर के स्वरूप नगर थाना क्षेत्र में जीटी रोड पर हैलट अस्पताल के दूसरे गेट के सामने उस रात का मंजर दिल दहला देने वाला था। 31 दिसंबर की देर रात, जब पूरा शहर नववर्ष की तैयारियों में डूबा था, एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार मामा-भांजे को कुचल दिया। मौके पर ही दोनों की जान चली गई। मृतकों की पहचान चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव कंजती निवासी अरुण कुमार शर्मा उर्फ दीपू के बेटे शिवम शर्मा (25) और उनके सगे मामा शिवाकांत (27) के रूप में हुई।
शिवम और शिवाकांत गांव में ही घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के शीतलपुर निवासी मामा के साथ मिलकर एक छोटी-सी बेकरी चलाते थे। परिजनों के अनुसार, दो महीने पहले ही उन्होंने यह व्यवसाय शुरू किया था और काम अच्छा चल रहा था। 31 दिसंबर की रात कई केक के ऑर्डर थे, लेकिन पैकिंग के डिब्बे खत्म हो गए। दोनों देर रात जरीब चौकी चौराहे पर डिब्बे खरीदने बाइक से निकले थे। जीटी रोड पर हैलट के पास पहुंचते ही गोल चौराहे से गुमटी की ओर जा रहे ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। ट्रक चालक भागने की कोशिश में दोनों को रौंदता हुआ फरार हो गया।
हादसे की सूचना पर राहगीरों ने पुलिस को खबर दी। पुलिस ने कोकाकोला चौराहे के पास ट्रक को कब्जे में ले लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, लेकिन परिवार में कोहराम मच गया। चचेरे भाई आशुतोष शर्मा का गंभीर आरोप है कि खरीदारी के लिए जाते समय शिवम के पास 15-20 हजार रुपये थे, लेकिन पुलिस ने परिजनों को सिर्फ 250 रुपये ही दिखाए। यह आरोप जांच का विषय है और पुलिस से पारदर्शिता की उम्मीद की जाती है।
यह हादसा सिर्फ दो जिंदगियों का अंत नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों का चूर-चूर होना है। परिजनों ने बताया कि शिवम ने मामा के साथ मिलकर बेकरी शुरू की थी ताकि परिवार को मजबूत बनाया जा सके। वे कहते थे कि जितनी मेहनत उन्होंने वर्षों में की, अब भाइयों को सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएंगे। लेकिन नियति ने सब कुछ छीन लिया।






