यूपी पुलिस का नया हथियार: ‘यक्ष’ ऐप से अपराधियों पर डिजिटल शिकंजा
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश में अपराधियों की अब खैर नहीं! प्रदेश की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया AI-पावर्ड ‘यक्ष’ मोबाइल ऐप अब पुलिस के हाथों में एक शक्तिशाली हथियार बन चुका है। कानपुर में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने मंगलवार को आयोजित गोष्ठी में अधिकारियों को इस ऐप की ट्रेनिंग दी और इसके उपयोग पर जोर दिया। इस ऐप के जरिए बीट स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक अपराधियों की रियल-टाइम ट्रैकिंग, लोकेशन और पूरी कुंडली एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाएगी।
यक्ष’ ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस की बीट पुलिसिंग को डिजिटल युग में ले जाने वाला क्रांतिकारी कदम है। पहले अपराधियों का रिकॉर्ड पुराने रजिस्टरों और फाइलों में दबा रहता था, लेकिन अब यह ऐप AI और क्राइम GPT तकनीक से लैस है। बीट पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर, जिलाबदर और अन्य अपराधियों का डेटा ऐप में अपलोड करेंगे। इसमें अपराधी की फोटो, आवाज सैंपल, गैंग लिंक, पिछले केस और लोकेशन जैसी सभी जानकारी होगी। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि दारोगा से लेकर उच्च अधिकारी तक ऐप खोलकर अपराधियों की शिनाख्त और ट्रैकिंग कर सकेंगे।
ऐप की खासियतें देखिए तो यह सिर्फ ट्रैकिंग तक सीमित नहीं है। AI की मदद से गैंग विश्लेषण, संदिग्धों की पहचान, मालखाना सूचना, गुमशुदा व्यक्ति या अज्ञात शव की जानकारी सब कुछ उपलब्ध होगा। क्राइम GPT फीचर से अधिकारी सामान्य भाषा में सवाल पूछकर अपराध डेटा से जवाब पा सकेंगे। अपराधी का रंग-कोडिंग सिस्टम भी है, जिसमें अपराध की गंभीरता के आधार पर उन्हें कैटेगरी में बांटा जाएगा। इससे बीट कांस्टेबल की जवाबदेही बढ़ेगी और अपराध रोकथाम आसान हो जाएगी।
कानपुर पुलिस आयुक्त ने गोष्ठी में अधिकारियों को यक्ष ऐप के ट्रेनिंग मॉड्यूल से अवगत कराया। साथ ही शहर में फर्जी बीमा कंपनियों और उनके एजेंटों पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। मतांतरण संबंधी गतिविधियों और ऐसी संस्थाओं की फंडिंग पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया। यह ऐप प्रदेश भर में स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देगा और अपराधियों के लिए यमराज सरीखा साबित होगा।
यूपी पुलिस अब तकनीक के दम पर अपराध पर अंकुश लगा रही है। ‘यक्ष’ ऐप जैसे कदमों से न केवल अपराध दर कम होगी, बल्कि जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। यह उत्तर प्रदेश को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।






