महज 200 रुपये के लिए दोस्त ने दोस्ती को किया कलंकित, कानपुर की दिल दहला देने वाली हत्या
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संवाद 24 संवाददाता। प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जो इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली है। महज 200 रुपये के कर्ज़ के विवाद में एक पुराने दोस्त ने अपने ही मित्र की जान ले ली। यह हत्या इतनी बेरहमी से की गई कि सुनकर रूह कांप जाए। आरोपी ने न केवल पीड़ित को बेल्ट से पीटा, बल्कि उसे निर्वस्त्र कर अपमानित किया और अंत में ईंट से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी।
घटना 28-29 दिसंबर 2025 की रात की है। कानपुर के निराला नगर रेलवे मैदान में सोमवार सुबह एक नग्न शव मिला, जिसे आवारा कुत्तों ने नोंच रखा था। शव की पहचान 35 वर्षीय राहुल अवस्थी के रूप में हुई, जो नौबस्ता संजय गांधी नगर के रहने वाले थे। राहुल रमईपुर स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) के पेट्रोल पंप पर सेल्समैन की नौकरी करते थे। हाल ही में 22 दिसंबर को उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि राहुल ने अपने पुराने दोस्त कामता शर्मा (बाबानगर निवासी) से 200 रुपये उधार लिए थे। रुपये लौटाने में असमर्थता और दो दिन पहले हुए विवाद ने कामता के मन में आग भर दी। कामता ने बदला लेने की ठान ली। रविवार रात उसने अपने भतीजे मोहित के साथ मिलकर राहुल को शराब पीने के बहाने बुलाया। तीनों साकेत नगर से शराब लेकर बाइक पर निराला नगर रेलवे मैदान पहुंचे।
शराब पीने के बाद फिर से रुपये का विवाद शुरू हुआ। गुस्से में आकर कामता और मोहित ने राहुल पर हमला बोल दिया। पहले बेल्ट से मारना शुरू किया, लेकिन सर्दी के कारण राहुल ने जैकेट और मोटे कपड़े पहने हुए थे, जिससे मार कम असर कर रही थी। तब आरोपियों ने राहुल को निर्वस्त्र कर दिया ताकि बेल्ट की मार सीधी लगे। अपमान की यह हद पार करने के बाद भी गुस्सा शांत नहीं हुआ। अंत में उन्होंने इंटरलॉकिंग ईंट उठाई और राहुल के सिर व चेहरे पर बार-बार वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शव को मैदान में ही छोड़कर दोनों फरार हो गए।
सुबह टहलने आए लोगों ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर कामता शर्मा और उसके भतीजे मोहित को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में कामता ने पूरी वारदात कबूल कर ली। उसने बताया कि राहुल कई साल पुराना मित्र था, लेकिन रुपये न लौटाने और गाली देने पर उसने हत्या की साजिश रची। हैरानी की बात यह कि कबूलनामे के दौरान उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं दिखा।
यह घटना न केवल एक हत्या है, बल्कि दोस्ती के नाम पर विश्वासघात और छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति का दर्दनाक उदाहरण है। महज 200 रुपये जो आज की तारीख में एक साधारण खर्चे जितने हैं – के लिए एक जिंदगी खत्म हो गई। राहुल की पत्नी और परिवार अब सदमे में हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।






