नए साल की सौगात: कानपुर को मिलेगी टूटी सड़कों और दूषित पानी से मुक्ति
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर कानपुर लंबे समय से टूटी-फूटी सड़कों, जलभराव और दूषित पेयजल जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। लेकिन नए साल 2026 की शुरुआत में शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर की पुरानी योजनाओं को दुरुस्त करने का बीड़ा उठाया है।
प्राधिकरण इस्पात नगर, जवाहरपुरम, पनकी, अहिरवां और पोखरपुर जैसी प्रमुख योजनाओं में करीब 61 करोड़ रुपये की लागत से बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराने जा रहा है। इन कार्यों से न केवल सड़कें चमकेंगी, बल्कि सीवरेज सिस्टम मजबूत होगा और हरियाली भी बढ़ेगी।
केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल ने बताया कि नए साल में इन कार्यों को तेजी से शुरू कराया जाएगा। खास तौर पर इस्पात नगर योजना में करीब 40 साल बाद बड़े विकास कार्य हो रहे हैं। यहां की जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण, नालियों का निर्माण और जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इससे स्थानीय निवासियों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिलेगी।
प्रमुख विकास कार्यों की झलक
केडीए की इन योजनाओं में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाएंगे:
इस्पात नगर योजना (पार्ट ए): 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर नाली और सीसी रोड का निर्माण – लागत 31.88 करोड़ रुपये।
इस्पात नगर योजना (पार्ट बी): 24 मीटर सड़क पर नाली और सीसी रोड निर्माण – 13.09 करोड़ रुपये।
इस्पात नगर योजना (पार्ट सी): एलएसएल चौराहा से केस्को तक सड़क का सौंदर्यीकरण – 1.31 करोड़ रुपये।
जवाहरपुरम योजना: दूषित पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए 20 एमएलडी क्षमता वाले सीवरेज पंपिंग स्टेशन का निर्माण और विकास कार्य – 9.35 करोड़ रुपये। इसके लिए 28 जनवरी को टेंडर जारी किए गए हैं।
जवाहरपुरम सेक्टर-6 की ओर जाने वाली जोनल रोड: सौंदर्यीकरण और डिवाइडर निर्माण – 3.86 करोड़ रुपये।
पनकी भाऊसिंह: कालपी मार्ग पर कानपुर प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण – 1.15 करोड़ रुपये।
अहिरवां: ग्राम समाज भूमि पर मियावाकी पद्धति से पौधारोपण और रखरखाव – 1.13 करोड़ रुपये।
पोखरपुर: पार्क का निर्माण – 8.44 लाख रुपये।
ये कार्य न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि शहर की सुंदरता और पर्यावरण को भी बेहतर बनाएंगे। मियावाकी विधि से किया जाने वाला पौधारोपण घने जंगल जैसा प्रभाव पैदा करेगा, जो प्रदूषण कम करने और ऑक्सीजन बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
केडीए नई योजनाओं के साथ-साथ पुरानी साइट्स को भी आधुनिक बनाने में जुटा है। हाल के वर्षों में प्राधिकरण ने कई क्षेत्रों में कब्जे हटाकर जमीन मुक्त कराई है और नए प्लॉट विकसित किए हैं। जवाहरपुरम और पनकी जैसे इलाकों में सीवरेज और सड़क सुधार से जलभराव की पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होगा।
कानपुर वासियों के लिए यह नए साल की सच्ची सौगात है। उम्मीद है कि ये कार्य समय पर पूरे होंगे और शहर एक नया स्वरूप लेगा। केडीए की यह पहल न केवल रहवासियों की दैनिक परेशानियों को दूर करेगी, बल्कि कानपुर को अधिक जीवंत और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।






