1500 करोड़ का महाघोटाला: तलाकशुदा पत्नी पर FIR, अब ED की एंट्री
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर पुलिस की गिरफ्त में आए अंतरराष्ट्रीय ठग रविंद्रनाथ सोनी के मामले में नया मोड़ आ गया है। अब सोनी की तलाकशुदा पहली पत्नी स्वाति के खिलाफ भी FIR दर्ज हो गई है। एनआरआई संदीप पांडेय की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने स्वाति, रविंद्रनाथ सोनी और उनके साथी सूरज जुमानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि स्वाति ने निवेशकों को चेक देकर पैसे लौटाने की गारंटी दी थी, लेकिन वे चेक बाउंस हो गए।
यह मामला मूल रूप से ब्लूचिप कंपनी के नाम पर चल रही बड़ी ठगी का हिस्सा है। पुलिस अनुमान के अनुसार, रविंद्रनाथ सोनी और उसके साथियों ने देश-विदेश के 700 से अधिक लोगों से करीब 1500 करोड़ रुपये की ठगी की है। सोनी को कानपुर में 42 लाख रुपये की ठगी के एक मामले में देहरादून से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद जांच में खुलासा हुआ कि उसने दुबई, शारजाह, मलेशिया, जापान, फ्रांस समेत कई देशों के निवेशकों को हाई रिटर्न का लालच देकर फंसाया।
एनआरआई की शिकायत से खुला राज
एनआरआई संदीप पांडेय ने तहरीर दी कि उन्होंने ब्लूचिप कंपनी में 25 लाख दिरहम (लगभग 6.10 करोड़ रुपये) का निवेश किया था। 2022-23 में कंपनी की हालत बिगड़ने पर मासिक ब्याज बंद हो गया। जब निवेशकों ने हंगामा किया तो स्वाति ने खुद आगे आकर पैसे लौटाने की गारंटी दी और कई चेक जारी किए। लेकिन वे सभी चेक बाउंस हो गए। संदीप की शिकायत पर अब स्वाति पर भी शिकंजा कस गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, स्वाति के नाम पर एनसीआर में कई संपत्तियां होने की आशंका है।
सोनी की दूसरी पत्नी का नाम भी जांच में सामने आया है, लेकिन अभी उनके खिलाफ कोई तहरीर नहीं आई। जांच में सोनी की दोनों पत्नियों की बॉलीवुड सितारों से तस्वीरें भी मिली हैं, जो ठगी के नेटवर्क को और संदिग्ध बनाती हैं।
सेलिब्रिटी कनेक्शन और प्रमोशन का खेल
ठगी के इस जाल में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद, रेसलर द ग्रेट खली और क्रिकेटर क्रिस गेल जैसे नाम भी जुड़े हैं। सोनी ने अपनी ब्लूचिप कंपनी का प्रमोशन इन सेलिब्रिटीज के जरिए कराया था। कई निवेशकों ने बताया कि इन बड़े नामों को देखकर ही उन्होंने भरोसा किया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि ये सेलिब्रिटी सिर्फ प्रमोशन का हिस्सा थे और ठगी में शामिल नहीं थे। फिर भी जांच के दायरे में उनका नाम आया है।
ED कसेगी शिकंजा
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मामले की रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। नई FIR के दस्तावेज जल्द ED को सौंपे जाएंगे। ED की टीम जल्द कानपुर पहुंच सकती है और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू हो सकती है। पुलिस ने सोनी से कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच चल रही है। ठगी की रकम हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ट्रांसफर की गई लगती है।
यह मामला सिर्फ एक ठगी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का संगठित अपराध नजर आ रहा है। पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है और दुबई से लेकर भारत तक लोग शिकायत दर्ज करा रहे हैं। कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन असली चुनौती अब ठगी की रकम की रिकवरी और सभी सहयोगियों तक पहुंचना है।






