अलाव की लकड़ियों पर विवाद: मामूली बात ने ले ली एक जिंदगी
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संवाद 24 संवाददाता। सर्द रात में अलाव की गर्मी लेना कितनों के लिए सुकून भरा होता है, लेकिन कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में यही अलाव एक परिवार के लिए हमेशा की ठंडक बन गया। निर्माणाधीन महर्षि महेश योगी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में तैनात सिक्योरिटी गार्ड निर्मल सिंह (45) की उनके ही साथी गार्ड अनिरुद्ध द्विवेदी ने गोली मारकर हत्या कर दी। वजह? अलाव में लकड़ियां डालने को लेकर हुआ छोटा-सा विवाद।
घटना शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे की है। गदनपुर आहार गांव स्थित विश्वविद्यालय परिसर में ड्यूटी पर तैनात निर्मल सिंह और अनिरुद्ध द्विवेदी ठंड से बचने के लिए अलाव जला कर ताप रहे थे। इसी दौरान अनिरुद्ध ने अलाव में कुछ लकड़ियां डालनी चाहीं। निर्मल ने मना किया तो बात बढ़ गई। अनिरुद्ध गाली-गलौज पर उतर आया। जब निर्मल ने विरोध किया तो अनिरुद्ध ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से निर्मल के सीने में गोली मार दी।
गोली की आवाज सुनकर वहां मौजूद अन्य गार्डों ने अनिरुद्ध को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उसने बंदूक तानकर धमकी दी और जंगल की ओर भाग निकला। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने घायल निर्मल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
निर्मल सिंह औरंगपुर सांभी गांव के रहने वाले थे। वे खेती के साथ-साथ यह नौकरी कर परिवार चलाते थे। उनके परिवार में कैंसर से जूझ रही पत्नी पुष्पा सिंह और 12 साल की बेटी तनिष्का है। भाई रोहित सिंह ने बताया कि निर्मल रोज की तरह शाम सात बजे ड्यूटी पर गए थे। देर रात यह हादसा हुआ। मौत की खबर मिलते ही परिजन सदमे में हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी अनिरुद्ध द्विवेदी की तलाश जारी है। बिल्हौर पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है कि छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा कितना खतरनाक हो सकता है। एक परिवार का चिराग बुझ गया, सिर्फ इसलिए कि अलाव में लकड़ियां डालने की बात पर विवाद हो गया। सर्दी की इन रातों में जहां अलाव सहारा बनता है, वहीं कभी-कभी वह दर्द का कारण भी बन जाता है।






