न्यू कानपुर सिटी: कानपुर के विकास की नई उम्मीद, 29 साल बाद सपना हो रहा साकार
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संवाद 24संवाददाता। उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक शहर, लंबे समय से तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण की चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की बहुप्रतीक्षित न्यू कानपुर सिटी परियोजना शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है। 1996 में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी योजना को अब मूर्त रूप दिया जा रहा है, जो कानपुर को एक आधुनिक, सुविधा संपन्न टाउनशिप प्रदान करेगी।
हाल ही में केडीए ने 21 किसानों से 3.2 हेक्टेयर भूमि खरीदने पर सहमति बनाई है। भूमि बैंक अनुभाग की टीम ने गंगपुर चकबदा, सिंहपुर कछार, हिंदूपुर और संभरपुर गांवों में जाकर उन काश्तकारों से बातचीत की, जिन्होंने अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई थी। विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के अनुसार, अब तक 55.07 हेक्टेयर भूमि अर्जित की जा चुकी है, जिसमें ग्राम समाज की 7.93 हेक्टेयर भूमि शामिल है। आपसी सहमति से 42.1 हेक्टेयर भूमि पर 312 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया गया है। वर्तमान में 2.1 हेक्टेयर भूमि की खरीद प्रक्रिया भी चल रही है।
यह परियोजना कानपुर के कल्यानपुर-बिठूर रोड और मैनावती मार्ग के बीच लगभग 153 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पहले चरण में 53.31 हेक्टेयर भूमि पर फोकस है, जिसमें मुख्य रूप से सिंहपुर कछार, संभरपुर, गंगपुर चकबदा, हिंदूपुर और बैरी अकबरपुर जैसे गांव शामिल हैं। केडीए बोर्ड ने योजना का संशोधित ले-आउट पहले ही स्वीकृत कर दिया है, जिसमें प्लॉटों की संख्या बढ़ाकर 1,793 कर दी गई है। ये प्लॉट 90 से 450 वर्ग मीटर तक के होंगे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 30,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।
परियोजना की विशेषताएं बेहद आकर्षक हैं:
आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट: मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवास।
आधुनिक सुविधाएं: मॉल, मल्टीप्लेक्स, स्कूल, कॉलेज, नर्सिंग होम, कन्वेंशन सेंटर और हरे-भरे पार्क।
इंफ्रास्ट्रक्चर: दिल्ली के कनॉट प्लेस की तर्ज पर 45 मीटर चौड़ी सेंट्रल रोड, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल पाइपलाइन और चौड़ी सड़कें।
कुल अनुमानित लागत विकास कार्यों के लिए 183.5 करोड़ रुपये से अधिक, जिसमें सड़कें, ड्रेनेज और जल आपूर्ति पर विशेष ध्यान।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एग्रीमा एजेंसी का चयन किया गया है। सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (सोशल इंपैक्ट असेसमेंट) की प्रारंभिक अधिसूचना जारी हो चुकी है, और बहुशाखीय विशेषज्ञ समूह जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है, जिससे सहमति आसान हो रही है। अभियंत्रण खंड ने विकास कार्यों के लिए टेंडर की तैयारी कर ली है, और रेरा से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य तेज हो जाएगा।
न्यू कानपुर सिटी न केवल कानपुर की आवासीय जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि शहर के समग्र विकास को नई गति देगी। यह परियोजना हजारों परिवारों के लिए सपनों का घर बनेगी और कानपुर को उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्मार्ट शहरों की श्रेणी में ला खड़ा करेगी। 29 साल के इंतजार के बाद यह योजना अब हकीकत बनने की दहलीज पर है – एक नया कानपुर, नई उम्मीदों के साथ!






