कानपुर गंगा बैराज हादसा: व्हाट्सएप की देरी ने दी फरार होने की मोहलत, पुलिसकर्मियों पर चढ़ाई कार
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा बैराज पर मंगलवार शाम एक सनसनीखेज घटना ने पूरे पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया। वाहन चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों को एक तेज रफ्तार काले रंग की हुंडई औरा कार ने जानबूझकर टक्कर मार दी। इस हादसे में दो सब-इंस्पेक्टर और एक होमगार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। कार चालक बैरियर तोड़कर बिठूर की ओर फरार हो गया। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि घटना के तुरंत बाद अगर पुलिस वायरलेस सेट से सूचना प्रसारित करती, तो शायद आरोपी पकड़े जा सकते थे। लेकिन करीब आधे घंटे बाद व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा गया, जिससे कीमती समय हाथ से निकल गया।
घटना 23 दिसंबर की शाम करीब 6:30 बजे की है। कोहना थाना क्षेत्र के गंगा बैराज पर अटल घाट चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार, सब-इंस्पेक्टर पूरन सिंह और होमगार्ड हरिप्रकाश नाका ड्यूटी पर तैनात थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रहे सघन वाहन चेकिंग अभियान के तहत वे संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्नाव की ओर से आ रही काले रंग की हुंडई औरा कार को रोकने का इशारा किया गया। लेकिन चालक ने न केवल रुकने से इनकार किया, बल्कि अचानक स्पीड बढ़ाकर बैरियर तोड़ दिया और पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ा दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुलिसकर्मी दूर जा गिरे। सब-इंस्पेक्टर पूरन सिंह के पैर में फ्रैक्चर हो गया, जबकि अन्य दो भी गंभीर रूप से घायल हुए। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी और थानाध्यक्ष ने घायलों को तुरंत हैलेट अस्पताल पहुंचाया। इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कार चालक और उसके बगल में बैठे व्यक्ति के चेहरे नजर आ रहे हैं, लेकिन नंबर प्लेट धुंधली या छिपी हुई है। पुलिस ने उन्नाव से बिठूर तक के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, लेकिन अभी तक कार का पता नहीं चल सका। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) आशुतोष कुमार ने बताया, “तेज रफ्तार कार की चपेट में आकर तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्हें अस्पताल पहुंचाना जरूरी था, लेकिन वायरलेस से सूचना दी जा सकती थी।
आरोपी की तलाश जारी है और डीसीपी सेंट्रल की टीम लगी हुई है।”
यहां सबसे बड़ा सवाल संचार व्यवस्था पर उठता है। घटना के तुरंत बाद अगर वायरलेस सेट से सभी चौकियों और नाकों पर अलर्ट जारी किया जाता, तो बिठूर रोड पर नाकाबंदी कर कार को रोका जा सकता था। लेकिन घायलों को अस्पताल पहुंचाने की जल्दबाजी और सूचना में देरी से आरोपी को फरार होने का मौका मिल गया। कोहना थाने में गंगा बैराज चौकी इंचार्ज प्रभाशंकर सिंह ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ लापरवाही, तेज गति और दूसरों के जीवन को खतरे में डालने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
गंगा बैराज पर स्टंटबाजी और तेज रफ्तार वाहनों का आतंक कोई नई बात नहीं है। आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं, लेकिन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों पर ही हमला यह गंभीर चुनौती है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चेहरों की पहचान करने और कार की डिटेल्स ट्रेस करने में जुटी है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
यह घटना न केवल पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठाती है, बल्कि आधुनिक संचार साधनों के बावजूद पुरानी वायरलेस व्यवस्था की उपयोगिता को भी रेखांकित करती है। ऐसे हादसों से सबक लेकर पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की जरूरत है, ताकि ड्यूटी पर जान जोखिम में डालने वाले जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।






