कानपुर में आत्महत्या की दो दर्दनाक घटनाएं: परिवारों में छाया मातम, पुलिस जांच में जुटी

संवाद 24 संवाददाता। शहर के अलग-अलग इलाकों में शनिवार को आत्महत्या के दो हृदयविदारक मामले सामने आए हैं। एक अधेड़ व्यक्ति ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि एक युवक ने तेज रफ्तार ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इन घटनाओं से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है, लेकिन आत्महत्या के पीछे के सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सके हैं।


सेनपश्चिम पारा में अधेड़ ने लगाई फांसी
सेनपश्चिम पारा थाना क्षेत्र के बहादुर नगर में रहने वाले 55 वर्षीय रामप्रसाद ने अपने घर के अंदर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, रामप्रसाद सामान्य रूप से घर में थे, लेकिन जब काफी देर तक वे बाहर नहीं आए तो परिवारवालों ने दरवाजा खटखटाया। अंदर का नजारा देखकर सभी सदमे में आ गए—रामप्रसाद का शव पंखे से लटका हुआ था। चीख-पुकार मच गई और पड़ोसियों ने भीड़ लगा ली।


परिजनों ने बताया कि रामप्रसाद हाल के दिनों में कुछ परेशान जरूर लग रहे थे, लेकिन उन्होंने किसी से अपनी समस्या साझा नहीं की। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।


भीतरगांव में युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
दूसरी घटना भीतरगांव क्षेत्र में हुई, जहां 28 वर्षीय महेश ने एक खौफनाक कदम उठाया। महेश ने रेलवे ट्रैक पर तेज गति से आ रही ट्रेन के सामने छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महेश ट्रैक के पास खड़ा था और ट्रेन आते ही अचानक आगे कूद गया।


परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, महेश पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव का शिकार था। वह किसी गहरी चिंता या परेशानी में डूबा हुआ लगता था, लेकिन उसने खुलकर कुछ नहीं बताया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जांच अधिकारी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है।


बढ़ते मामलों पर चिंता
ये दोनों घटनाएं कानपुर में आत्महत्या के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियां, पारिवारिक कलह और अवसाद जैसी समस्याएं इन दर्दनाक कदमों के पीछे प्रमुख कारण हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि परिवार और समाज संवाद बढ़ाएं और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद लें।


पुलिस दोनों मामलों में परिजनों से विस्तृत बयान ले रही है और जल्द ही रिपोर्ट तैयार करेगी। इन घटनाओं ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है कि जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए सहारा और समर्थन कितना महत्वपूर्ण है।

Pavan Singh
Pavan Singh

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