आईआईटी कानपुर में सांस्कृतिक उत्सव की धूम: इंटर आईआईटी कल्चरल मीट 8.0 का भव्य आयोजन

संवाद 24 संवाददाता। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर आने वाले दिनों में रंग-बिरंगे सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होने वाला है। देश के सभी 23 आईआईटी संस्थानों के हजारों छात्र-छात्राएं यहां जुटेंगे और 23 से 27 दिसंबर तक चलने वाले इंटर आईआईटी सांस्कृतिक महोत्सव 8.0 में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन आईआईटी कानपुर दूसरी बार होस्ट कर रहा है, इससे पहले 2017 में यहां इस महोत्सव की मेजबानी हुई थी।

इस पांच दिवसीय उत्सव में 4000 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे, जहां हर आईआईटी से अधिकतम 250 छात्र हिस्सा लेंगे। महोत्सव का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना है। प्रतिभागी संगीत, नृत्य, रंगमंच, साहित्य, फाइन आर्ट्स, फैशन, फिल्म मेकिंग, डिजिटल आर्ट्स, कॉमेडी, स्पीकिंग आर्ट्स, क्विज़ और पाक कला जैसी विविध विधाओं में अपनी कला दिखाएंगे। कुल 13 सांस्कृतिक कप के लिए 50 से ज्यादा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

औपचारिक प्रतियोगिताओं के अलावा, विशेष सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन भी होगा, जो प्रतिभागियों के बीच अनौपचारिक मेल-जोल और उत्सवी माहौल बनाएगा। 2016 में शुरू हुई इस श्रृंखला का यह आठवां संस्करण आईआईटी परिवार को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक विविधता और एकता का संदेश देगा।

साइबर सुरक्षा में भी आईआईटी कानपुर की पहल
इसी बीच, आईआईटी कानपुर ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की है। संस्थान के सी3आई हब द्वारा आयोजित हैक आईआईटीके 2026 – साइबर सुरक्षा चैलेंज हैकाथॉन के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 जनवरी 2026 कर दी गई है। इस हैकाथॉन में कैप्चर द फ्लैग (सीटीएफ) और सॉल्यूशन ट्रैक पर प्रतिभागी अपने नवाचार दिखाएंगे। विजेताओं को 30 लाख रुपये से अधिक के पुरस्कार मिलेंगे।

यह वैश्विक स्तर का आयोजन है, जिसमें विदेशी विशेषज्ञ और कंपनियां भी हिस्सा ले रही हैं। नेटवर्क सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी, हार्डवेयर सुरक्षा, आईओटी, एआई सुरक्षा, डिजिटल फोरेंसिक और ऑटोमोटिव सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं। ग्रैंड फिनाले मार्च 2026 में आईआईटी कानपुर में होगा। इस पहल से साइबर सुरक्षा में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
आईआईटी कानपुर इन दोनों आयोजनों से एक बार फिर साबित कर रहा है कि वह केवल तकनीकी शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नवाचारी गतिविधियों का भी प्रमुख हब है। आने वाले दिन यहां के नजारे को पूरी तरह बदल देंगे!

Pavan Singh
Pavan Singh

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