निर्भया दिवस पर बुलंद हुई आवाज: बच्चियों और युवतियों पर यौन अत्याचार के खिलाफ कानपुर में प्रदर्शन
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में निर्भया दिवस के अवसर पर महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों के विरोध में सशक्त आवाज उठाई गई। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, कानपुर की ओर से घंटाघर चौराहे पर भारत माता की प्रतिमा के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान महिलाओं ने संगठन के बैनर, झंडे और प्ले कार्ड हाथों में लेकर नारेबाजी की और आमजन को जागरूक करने के लिए पर्चे भी बांटे।
प्रदर्शन के दौरान महिला पदाधिकारियों ने कहा कि देश में आज भी बच्चियां और युवतियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं, जो समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। निर्भया कांड को वर्षों बीत जाने के बाद भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी न आना यह दर्शाता है कि कानून का भय अपराधियों में समाप्त होता जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई हो, ताकि समाज में एक स्पष्ट संदेश जाए।
महिला समिति ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि यौन अपराधों में शामिल अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए और पीड़िताओं को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। साथ ही, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और सम्मान के साथ न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया जाए।
कार्यक्रम में प्रदेश सचिव सीमा कटियार, जिला सचिव नीलम तिवारी, संयुक्त सचिव धनपती यादव, उपाध्यक्ष रजिया नकवी सहित कई महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक समाज में महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तब तक ऐसे आंदोलन जारी रहेंगे।
यह प्रदर्शन सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी थी—कि अब चुप्पी नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष का रास्ता ही बदलाव की कुंजी है।






