छात्रों के भविष्य पर संकट: डीआईओएस कार्यालय में देर रात तक शिक्षकों का धरना
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों सभी को चिंतित कर दिया है। बिल्हौर इंटर कॉलेज, बिल्हौर के कक्षा 11 और 12 के व्यावसायिक वर्ग के छात्रों के नाम बोर्ड की सूची से हटाए जाने के विरोध में सोमवार देर रात माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट–श्रीकांत) से जुड़े शिक्षक जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में धरने पर बैठ गए।
शिक्षकों का कहना है कि जिन छात्रों के नाम बोर्ड लिस्ट से हटाए गए हैं, उनका प्रवेश पूरी तरह से नियमों के तहत कराया गया था। यह प्रवेश स्वयं एसोसिएट जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किए गए थे, ऐसे में अब छात्रों के नाम हटाया जाना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि सैकड़ों छात्रों के भविष्य को भी अंधकार में धकेल रहा है।
धरने पर बैठे शिक्षकों ने आरोप लगाया कि मामला सुलझाने के बजाय प्रबंधन से आख्या मांगने के बहाने मुद्दे को लगातार टाला जा रहा है। उनका कहना है कि समय रहते यदि छात्रों के नाम बोर्ड सूची में शामिल नहीं किए गए तो उनका एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शिक्षा विभाग की होगी।
शिक्षकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक छात्रों के नाम पुनः बोर्ड लिस्ट में शामिल नहीं किए जाते, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। देर रात तक चले इस शांतिपूर्ण विरोध ने यह संदेश दिया कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छात्रों के अधिकार और भविष्य की रक्षा के लिए सड़क से लेकर कार्यालय तक संघर्ष करने को तैयार हैं।
धरने में शैलेंद्र द्विवेदी, राहुल मिश्रा, प्रेमचंद्र त्रिपाठी, चित्रांशी सिंह, शैलेंद्र अवस्थी समेत कई शिक्षक मौजूद रहे। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह कब तक इस मामले का समाधान निकालकर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करता है।






