कानपुर विकास प्राधिकरण के जोन में बड़ा बदलाव: अब छह जोन में बंटा शहर, जनता को मिलेगा त्वरित समाधान
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर शहर के तेजी से बढ़ते विस्तार और आबादी के दबाव को देखते हुए कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने 61 वर्षों बाद अपने जोनल ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब तक चार जोनों में बंटा केडीए क्षेत्र, नगर निगम की तर्ज पर छह जोनों में विभाजित कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था गुरुवार से लागू कर दी गई है, जिससे आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा।
केडीए ने जोन एक और जोन दो को दो-दो भागों में बांटते हुए उन्हें ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी में विभाजित किया है, जबकि जोन तीन और चार को पूर्व की तरह ही रखा गया है। हर जोन में अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है ताकि निर्माण, नक्शा पास, अवैध निर्माण, कॉलोनी विकास जैसी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण हो सके।
क्यों किया गया जोन में बदलाव
वर्तमान में केडीए सीमा में लगभग 41 लाख की आबादी निवास करती है। इतने बड़े क्षेत्र और जनसंख्या को देखते हुए चार जोन पर्याप्त नहीं रह गए थे। केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल के अनुसार, छोटे जोन बनाए जाने से न सिर्फ निगरानी प्रभावी होगी, बल्कि जन समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो सकेगा। यह कदम शहर के संतुलित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में अहम माना जा रहा है।
जानिए आपका क्षेत्र किस जोन में
नई जोन व्यवस्था के तहत शहर के प्रमुख इलाके, कॉलोनियां और योजनाएं स्पष्ट रूप से जोनवार तय कर दी गई हैं। इससे नागरिकों को यह जानने में आसानी होगी कि उनकी समस्या किस जोन कार्यालय में सुनी जाएगी। चकेरी, जाजमऊ, किदवई नगर, बर्रा, कल्याणपुर, काकादेव, पनकी, गुजैनी, बाबूपुरवा जैसे बड़े इलाके अब अपने-अपने निर्धारित जोन के अंतर्गत आएंगे।
जनता को क्या होगा फायदा
समस्याओं का त्वरित निस्तारण
अधिकारियों तक सीधी पहुंच
अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण
विकास योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग
पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था
कुल मिलाकर, केडीए का यह निर्णय कानपुर शहर के सुव्यवस्थित विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक मजबूत कदम है। नई जोन व्यवस्था से न सिर्फ प्रशासन को सुविधा होगी, बल्कि आम जनता को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। अब देखना होगा कि यह बदलाव ज़मीन पर कितना प्रभावी साबित होता है।






