कालाबाजारी पर सख्ती: कोटेदारों को स्पष्ट संदेश
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कानपुर के जूही क्षेत्र में राशन की कालाबाजारी और कार्डधारकों को कम राशन देने के मामले में कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना इसी का उदाहरण है। यह कार्रवाई न सिर्फ दोषियों के लिए चेतावनी है, बल्कि ईमानदार व्यवस्था की उम्मीद भी जगाती है।
शिकायतों के आधार पर की गई छापेमारी में भारी अनियमितता सामने आई। जांच में लगभग 200 क्विंटल राशन की कालाबाजारी का खुलासा हुआ, जो सीधे-सीधे गरीब और जरूरतमंदों के हक पर डाका था। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करना यह दर्शाता है कि अब लापरवाही और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि राशन वितरण कार्डधारकों की संख्या के अनुरूप ही होगा। प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पूरा राशन पहुँचना अनिवार्य है। जिलापूर्ति अधिकारी के निर्देश पर सभी दुकानों की जांच शुरू होना व्यवस्था में सुधार की ठोस पहल है। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।यह कार्रवाई केवल एक दुकान तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे तंत्र के लिए संदेश है—जनहित की योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों की अब खैर नहीं। पारदर्शी वितरण, नियमित जांच और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई ही भरोसेमंद सार्वजनिक वितरण प्रणाली की बुनियाद है।






