1500 करोड़ का ‘महाठग’ फँसा, अब रवींद्र नाथ की जुबान खोलेगी सारे राज!
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले कानपुर में पिछले कई सालों से जिस ‘महाठग’ की चर्चा थी, उसका मास्टरमाइंड आखिरकार पुलिस के शिकंजे में है। 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का आरोपी रवींद्र नाथ सोनी उर्फ रवि सोनी को मंगलवार को कोर्ट ने छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। मेडिकल के बाद शुरू हुई पूछताछ में पुलिस को उम्मीद है कि अब एक-एक करके सारे काले राज बाहर आएंगे।
देहरादून से शुरू हुआ था शिकंजा, कानपुर पहुँचा तूफान
मामला सबसे पहले तब खुला जब देहरादून की कोतवाली पुलिस ने मात्र 42 लाख रुपये की ठगी की एक छोटी-सी FIR के सिलसिले में रवींद्र नाथ को गिरफ्तार किया। जेल भेजते ही उसके मोबाइल और लैपटॉप से जो डाटा बरामद हुआ, उसे देखकर पुलिस भी दंग रह गई। एक के बाद एक ठगी के केस सामने आने लगे। कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने तुरंत स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की। आज तक SIT को 700 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं और ठगी का आंकड़ा 1500 करोड़ रुपये को पार कर चुका है।
20 शेल कंपनियाँ, 26 बैंक खाते और एक अमेरिकी अकाउंट अभी भी सक्रिय
पुलिस को पता चला है कि रवींद्र नाथ ने 20 से ज्यादा शेल कंपनियाँ बनाई थीं। इनके जरिए वह निवेश, मल्टी-लेवल मार्केटिंग, क्रिप्टो ट्रेडिंग और डबल-ट्रिपल रिटर्न के लालच में लोगों को फँसाता था। अभी तक 22 बैंक खातों का पता चला था, अब संख्या बढ़कर 26 हो गई है। ये खाते दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई सहित कई शहरों में हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह कि उसका अमेरिका में एक खाता अभी भी सक्रिय है और उसमें लगातार लेन-देन हो रहा है। इस खाते को उसकी कथित साथी गुरमीत कौर अमेरिका से ऑपरेट कर रही है। पुलिस जल्द ही उसे भी समन भेजने वाली है।
सोनू सूद और द ग्रेट खली भी नोटिस के दायरे में
रवींद्र नाथ की कंपनियों के प्रचार-प्रसार में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद और रेसलर द ग्रेट खली के वीडियो और फोटो खूब इस्तेमाल हुए थे। पुलिस ने दोनों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है। सूत्र बता रहे हैं कि दोनों ने प्रमोशन के एवज में मोटी रकम ली थी, लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि पैसा ठगी से आ रहा है।
रिमांड में रवींद्र नाथ का नया रंग
जेल से बाहर आते ही रवींद्र नाथ ने पुलिस को चौंकाया। उसने कहा, “मैं पूरा सहयोग करूँगा। जितने भी राज हैं, सब खोल दूँगा।” पुलिस इसे उसकी नई चाल मान रही है, क्योंकि अब तक वह हर बार नाम, पता और कंपनियाँ बदलकर भागता रहा था। SIT अब उसे पहले बेंगलुरु और फिर दिल्ली ले जाएगी, जहाँ उसके कई खाते और ऑफिस थे।
ठगी का अनुमानित आंकड़ा: 1500 + करोड़ रुपये
पीड़ितों की संख्या: 700 से ज्यादा (रोज नए केस जुड़ रहे)
शेल कंपनियाँ: 20 +
बैंक खाते: 26 (भारत) + 1 (अमेरिका, अभी सक्रिय)
पुलिस रिमांड: 6 दिन
आगे की यात्रा: बेंगलुरु → दिल्ली
कानपुर पुलिस के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक अपराध की जांच है। अगर रवींद्र नाथ सचमुच सारे राज उगल देता है तो न केवल सैकड़ों पीड़ितों को न्याय मिलेगा, बल्कि देश भर में चल रहे ऐसे ही कई ठगी के नेटवर्क पर भी करारा प्रहार होगा।
अगले छह दिन बहुत कुछ तय करेंगे – कि 1500 करोड़ का यह ‘महाठग’ आखिरकार कब और कैसे रुकता है।
कानपुर की सड़कों से लेकर अमेरिका के बैंक खाते तक – यह कहानी अभी खत्म होने की बजाय और रोमांचक होने वाली है।






