खाद्य निरीक्षक पर 10 हजार की उगाही का आरोप, व्यापारी ने CCTV फुटेज के साथ थाने में दी तहरीर
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संवाद 24 संवाददाता। निरीक्षक अनिल पाल पर एक किराना व्यापारी ने जबरन वसूली का गंभीर आरोप लगाया है। आयुष जनरल स्टोर के संचालक राजेश गुप्ता ने शनिवार को महाराजपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई और दुकान का पूरा CCTV फुटेज पुलिस को सौंप दिया। व्यापारी का दावा है कि निरीक्षक के सहयोगी ने “सेटिंग” के नाम पर पहले 10 हजार रुपये की मांग की और फिर धमकाकर 6 हजार नकद, 4 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर और 500 रुपये ड्राइवर को थमाए गए।
व्यापारी राजेश गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को खाद्य निरीक्षक अनिल पाल अपनी टीम के साथ दुकान पर पहुंचे और सैंपलिंग शुरू कर दी। इसी दौरान उनका एक सहयोगी अलग से बात करने लगा और बोला, “साहब को सेटिंग कर दो, वरना पूरा माल जब्त हो जाएगा और केस चल जाएगा।” डर के मारे व्यापारी ने तुरंत 6 हजार रुपये नकद दिए, 4 हजार रुपये फोन-पे कर दिए और ड्राइवर को 500 रुपये अलग से थमाए। इसके बाद निरीक्षक ने सैंपलिंग की कार्रवाई रोक दी और चले गए।
राजेश गुप्ता ने कहा,
“मैं लंबे समय से इन लोगों की उगाही से परेशान था। हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर पैसे मांगते हैं। अब हद हो गई, इसलिए खुलकर शिकायत की है। मैंने पूरा CCTV फुटेज पुलिस को दे दिया है, जिसमें सारी बातचीत और लेन-देन साफ दिख रहा है।”
आदर्श व्यापार मंडल के नेता महेश वर्मा ने मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “किसी भी अधिकारी को उत्कोच देने की जरूरत नहीं है। अगर माल सही है तो कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। व्यापारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” व्यापार मंडल ने अभिहित अधिकारी (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) संजय सिंह को भी CCTV फुटेज और पैसे के ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप पर भेजकर तत्काल विभागीय जांच व कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी तरफ खाद्य निरीक्षक अनिल पाल ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, “मैं तो सिर्फ उच्चाधिकारियों के आदेश पर रूटीन जांच करने गया था। उगाही या पैसे लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता। सारे आरोप निराधार हैं।”
महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि व्यापारी की तहरीर मिल गई है और CCTV फुटेज भी प्राप्त हो गया है। मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।






