कूरियर कंपनी की आड़ में बड़ा सेक्स रैकेट बेनकाब, दिल्ली तक भेजी जा रही थीं लड़कियां, रिटायर्ड एसीपी की साली समेत 15 पर केस दर्ज
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संवाद 24 कानपुर। पुलिस ने कूरियर कंपनी की आड़ में चल रहे एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क सोशल मीडिया के ज़रिए ग्राहकों से संपर्क बनाकर लड़कियों को कानपुर से दिल्ली भेजने का काम करता था। मामले में रिटायर्ड एसीपी की साली समेत 15 लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया है कि इस अवैध धंधे का नेटवर्क लखनऊ और दिल्ली तक फैला हुआ था। व्हाट्सएप टेलीग्राम पर ‘डिमांड’, फिर कूरियर कंपनी से होता था ट्रैवल मैनेजमेंट। कोहना थाना क्षेत्र में यह रैकेट कूरियर कंपनी के नाम से संचालित हो रहा था।
ट्रांसपोर्टर द्वारा शिकायत देने के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पाया कि गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुपों के माध्यम से ग्राहकों से ‘डिमांड’ लेते थे। इसके बाद लड़कियों को अलग-अलग रूट से दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों में भेजा जाता था।
गिरोह सोशल मीडिया पर अश्लील चैट और वीडियो भेजकर ग्राहकों को फँसाने का काम करता था। ग्राहक मिलते ही ब्रोकर ‘डील’ को आगे बढ़ाते थे और शहर से बाहर भेजी जाने वाली लड़कियों के लिए कूरियर कंपनी की लॉजिस्टिक सेवा का उपयोग करते थे।
महिला मास्टरमाइंड और रिटायर्ड एसीपी की साली की भूमिका शिकायत में जिस महिला का नाम सामने आया है, उसका नेटवर्क पुराना कानपुर से लेकर दिल्ली और लखनऊ तक सक्रिय था। इसके साथ ही दिल्ली के एक रिटायर्ड एसीपी की साली का नाम भी जांच में जुड़ा है। पुलिस के अनुसार यह लोग लंबे समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फर्जी वेबसाइटों का इस्तेमाल कर रैकेट चला रहे थे।
फर्जी वेबसाइटें और इंस्टाग्राम आईडी से चालबाज़ी जांच में पता चला कि गिरोह पुलिस को चकमा देने के लिए कूरियर कंपनी के अलावा कपड़ों की नकली वेबसाइट चलाता था। वहीं गिरोह से जुड़ी युवतियां इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर युवाओं से चैट करती थीं और उन्हें मीठी बातों में उलझाकर ‘डील’ फाइनल करती थीं। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि इस रैकेट से जुड़े लोगों से उसे जान का खतरा है और कई बार उसे धमकियां दी गई हैं।
पुलिस की कार्रवाई जारी – पुलिस ने अब तक 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है। तीन वेबसाइट और कई मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के और सदस्यों को गिरफ्तार किया जाएगा और इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। यह खुलासा कानपुर में अवैध गतिविधियों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है और दिखाता है कि किस तरह सोशल मीडिया और फर्जी कारोबारी सेटअप के सहारे अपराधी संगठित रूप से काम कर रहे हैं।






