कानपुर के बुजुर्गों के लिए वरदान बनेगी तीन-कोच वाली मेट्रो: देसी तकनीक की चमक हर किसी को करेगी प्रभावित
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संवाद 24 कानपुर। उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर तेजी से आधुनिक परिवहन व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। शहर के लोगों की यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुलभ बनाने के लिए मेट्रो परियोजना का विस्तार लगातार जारी है। आईआईटी-कानपुर से नौबस्ता तक मेट्रो लाइन का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिसे वर्ष 2030 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य है।
कानपुर कॉरिडोर-2 को मिलेगी खास ‘देसी मेट्रो’ – कानपुर के दूसरे मेट्रो रूट पर चलने वाली ये मेट्रो पूरी तरह से मेक इन इंडिया के तहत गुजरात में तैयार की गई हैं। इस कॉरिडोर पर कुल 10 मेट्रो ट्रेनें दौड़ेंगी, जिनमें तीन-कोच वाली विशेष मेट्रो भी शामिल है।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए इन ट्रेनों में कई अत्याधुनिक फीचर जोड़े गए हैं, पैनिक बटन: आपात स्थिति में तुरंत सहायता के लिए, सीसीटीवी निगरानी: हर कोच में सुरक्षा की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, आग और क्रैश सेफ्टी सिस्टम, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए खास सुविधा, तीन-कोच वाली मेट्रो का अंतिम डिब्बा विशेष रूप से बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें लॉन्ग स्टॉप रिक्वेस्ट बटन दिया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर गेट अधिक समय तक खुला रहेगा। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए बड़ी राहत बनेगी जिन्हें चढ़ने-उतरने में समय लगता है।
90 किमी/घंटा की रफ्तार, देगी सफर का नया अनुभव – ये अत्याधुनिक मेट्रो 90 किमी/घंटे की टॉप स्पीड पर दौड़ेगी, जिससे सफर तेज होने के साथ-साथ बेहद आरामदायक भी रहेगा। कानपुर कॉरिडोर-2 का रूट फिलहाल शहर में आईआईटी से मोतीझील तक कॉरिडोर-1 संचालित है और आगे इसे कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक बढ़ाया जा रहा है।कॉरिडोर-2 का रूट चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय (CSA) से लेकर बर्रा-8 तक प्रस्तावित है, जो शहर की ब्लू लाइन होगी। इसके उद्घाटन की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।






