महाठग रवीन्द्र सोनी पर शिकंजा और कसा ₹19 करोड़ की 14 संपत्तियों की होगी कुर्की
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संवाद 24 संवाददाता। ब्लूचिप कंपनी में निवेश के नाम पर 700 से अधिक लोगों से करीब 1500 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी रवीन्द्रनाथ सोनी पर एसआईटी ने शिकंजा और कस दिया है। जांच टीम ने उसकी पहली पत्नी श्वेता के नाम पर खरीदी गई लगभग 19 करोड़ रुपये की 14 संपत्तियों का सत्यापन पूरा कर लिया है। अब इन संपत्तियों को संबंधित मुकदमों से जोड़कर कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
2021 से 2025 के बीच खरीदी गईं संपत्तियां
एसआईटी जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा में कई संपत्तियां खरीदी गईं या बिल्डर एग्रीमेंट किए गए। कुछ मामलों में निवेश के बाद एग्रीमेंट निरस्त कर रकम वापस खाते में ली गई, जबकि कुछ संपत्तियां अब भी एग्रीमेंट की स्थिति में हैं।
जांच एजेंसियों का दावा है कि इन संपत्तियों की खरीद में कथित ठगी की रकम का उपयोग किया गया। दुबई, दिल्ली और गुरुग्राम में भी करोड़ों की संपत्तियों का पता चला है। अधिकांश संपत्तियां पहली पत्नी श्वेता और दूसरी पत्नी मोनिका के नाम पर पाई गई हैं।
ये संपत्तियां होंगी कुर्क
गुरुग्राम के बेगमपुर कोथला तहसील कादिरपुर में लगभग 1 करोड़ की दुकान व ऑफिस।
गुरुग्राम मानेसर (खेकरी धौला) में 4.70 करोड़ की चार निर्माणाधीन संपत्तियां।
मानेसर क्षेत्र में 51 लाख की एक संपत्ति का एग्रीमेंट।
गुरुग्राम सेक्टर 63ए में 1.80 करोड़ और 1.60 करोड़ के दो फ्लैट।
DLF City में 1.80 करोड़ की संपत्ति।
देहरादून की संपत्तियों का सत्यापन जारी
दूसरी पत्नी के नाम पर देहरादून में खरीदी गई संपत्तियों का सत्यापन अभी जारी है। एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार सिंह के अनुसार, सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और जल्द ही कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ितों को राहत की उम्मीद
एसआईटी की इस कार्रवाई को ठगी के शिकार सैकड़ों निवेशकों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। यदि संपत्तियों की कुर्की होती है, तो आगे चलकर इनसे वसूली कर पीड़ितों को आंशिक राहत देने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
लगातार हो रही जांच और संपत्तियों की जब्ती से स्पष्ट है कि एजेंसियां इस बड़े आर्थिक अपराध को अंजाम देने वालों को कानून के दायरे में लाने के लिए सख्त कदम उठा रही हैं।






