फर्जी जज बनकर ठगी करने वाले अधिवक्ता विष्णु शंकर गुप्ता की जमानत अर्जी खारिज
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संवाद 24 संवाददाता। फर्जी जज बनकर लोगों से ठगी करने के आरोपी अधिवक्ता विष्णु शंकर गुप्ता को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अपर जिला जज सप्तम आज़ाद सिंह की अदालत ने शनिवार को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले से मामले में कड़ी कार्रवाई के संकेत मिले हैं। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी विष्णु शंकर गुप्ता पेशे से अधिवक्ता है और उस पर न्यायिक पद का दुरुपयोग करते हुए खुद को जज बताकर लोगों से ठगी करने के गंभीर आरोप हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद अधिवक्ता समुदाय ने भी सख्त रुख अपनाया है। बार एसोसिएशन ने विष्णु शंकर गुप्ता की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी है, जबकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (नई दिल्ली) पहले ही उन्हें एक वर्ष के लिए डिबार कर चुकी है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि यह मामला न केवल ठगी का है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की साख से जुड़ा हुआ है। ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।






