इस्तीफे के बाद घर लौटे अलंकार अग्निहोत्री, समर्थकों का जोशीला स्वागत मां से मिलन हुआ भावुक
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संवाद 24 संवाददाता। अपने पद से इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ नेता अलंकार अग्निहोत्री जब पहली बार अपने आवास पहुंचे, तो वहां का माहौल किसी चुनावी विजय उत्सव से कम नहीं था। जैसे ही उनकी गाड़ी घर के बाहर रुकी, पहले से मौजूद समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
समर्थकों ने फूलों के गुलदस्ते भेंट किए और उन्हें मालाओं से लाद दिया। घर के बाहर “अलंकार अग्निहोत्री जिंदाबाद” और “देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। कार्यकर्ताओं के उत्साह और समर्थन के बीच मुस्कुराते हुए अलंकार अग्निहोत्री अपने घर के भीतर पहुंचे।
घर के प्रवेश द्वार पर उनकी मां पहले से ही प्रतीक्षा कर रही थीं। बेटे को सामने देखते ही वे भावुक हो उठीं और उन्होंने अलंकार अग्निहोत्री को गले लगाकर स्वागत किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावनात्मक रहा। इसके बाद मां उन्हें हाथ पकड़कर घर के भीतर ले गईं, जहां उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कुछ समय बिताया।
इस्तीफे के बाद बड़ा बयान, बजट को लेकर जताई चिंता
घर पर अनौपचारिक बातचीत के दौरान भी अलंकार अग्निहोत्री के तेवर स्पष्ट और सख्त नजर आए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने इस्तीफे के कारणों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय वैचारिक मतभेदों के चलते लिया गया है और उनके लिए देशहित सर्वोपरि है।
उन्होंने देश के बजट को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बजट का एक बड़ा हिस्सा देश के बाहर जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जनता के पैसे का सही और पारदर्शी उपयोग होना चाहिए, ताकि उसका लाभ सीधे आम नागरिक तक पहुंचे।
अलंकार अग्निहोत्री के इस कदम और बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और आने वाले समय में उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं और तेज होने की संभावना है।






