तीर्थ यात्रा की आस्था पर साइबर ठगों का वार: कमरा बुकिंग के नाम पर बुजुर्ग से 1.32 लाख की ठगी
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर आस्था और भरोसे को निशाना बनाते हुए बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। किदवई नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक बुजुर्ग से तीर्थ स्थान पर कमरा बुक कराने के नाम पर 1.32 लाख रुपये हड़प लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
जूही बारादेवी निवासी विनायक त्रिपाठी ने पुलिस को बताया कि वह नवंबर माह में अपनी पत्नी के साथ महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पंढरपुर में दर्शन के लिए जाना चाहते थे। वहां संत गजानन महाराज भक्त निवास में ठहरने के लिए उन्होंने ऑनलाइन जानकारी तलाशनी शुरू की। इसी दौरान एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए उनसे संपर्क किया और खुद को भक्त निवास से जुड़ा कर्मचारी बताया।
आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए मोबाइल पर कमरा बुकिंग से जुड़ा चार्ट और एक लिंक भेजा। इसके बाद भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजते हुए पहले एक रुपये की टेस्टिंग करने को कहा। बुजुर्ग ने जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी की, आरोपी ने अगले दो दिनों में अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उनके खाते से कुल 1.32 लाख रुपये निकाल लिए।
जब खाते से बड़ी रकम कटने का मैसेज आया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तत्काल बैंक और पुलिस को सूचना दी। किदवई नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, समय रहते कार्रवाई करने से करीब 94 हजार रुपये की राशि होल्ड करा दी गई है, जबकि शेष रकम आरोपी निकाल चुके हैं।
पुलिस साइबर सेल की मदद से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ट्रांजैक्शन डिटेल्स की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
सावधानी ही बचाव
इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि साइबर ठग अब तीर्थ यात्रा और धार्मिक आस्था को भी ठगी का जरिया बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तीर्थ स्थल, होटल या धर्मशाला की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद माध्यम से ही करें।
अनजान कॉल, व्हाट्सएप लिंक या क्यूआर कोड के जरिए भुगतान करने से बचें, ताकि मेहनत की कमाई और भरोसा दोनों सुरक्षित रह सकें।






