मकर संक्रांति स्नान को लेकर प्रशासन अलर्ट: गंगा घाटों पर लगेंगे केज, स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष जोर
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में माघ मेले के प्रमुख पर्व मकर संक्रांति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। 14 और 15 जनवरी को गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं से जुड़ी व्यापक तैयारियां की हैं। इन्हीं व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सरसैया घाट का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्नान पर्व के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घाटों पर सुरक्षा और सुविधाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, महिला श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने के स्थान, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और भीड़ प्रबंधन की समुचित योजना लागू की जाए। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
स्वच्छ गंगा के लिए विशेष इंतजाम
इस बार मकर संक्रांति पर गंगा की स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने खास पहल की है। डीएम ने बताया कि स्नान के बाद घाटों पर फैलने वाली पूजा सामग्री, फूल और अन्य कचरे को सीधे गंगा में जाने से रोकने के लिए घाटों पर जालीदार केज लगाए जाएंगे। श्रद्धालु इन्हीं केज में पूजा सामग्री डाल सकेंगे। इसके बाद नगर निगम की टीमें निर्धारित समय पर कूड़ा एकत्र कर उसे घाटों से बाहर भेजेंगी, जिससे गंगा जल की शुद्धता बनी रहे।
नगर निगम और पुलिस को सख्त निर्देश
नगर निगम को स्नान से पहले और बाद में लगातार सफाई अभियान चलाने, कूड़ा उठान के लिए अतिरिक्त टीमें लगाने और रोशनी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों को भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और महिलाओं व बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें, पूजा सामग्री गंगा में प्रवाहित न करें और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि जनसहयोग से ही मकर संक्रांति का पावन स्नान सुरक्षित, स्वच्छ और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकता है।
प्रशासनिक तैयारियों और सख्त निर्देशों के बीच यह उम्मीद की जा रही है कि इस बार मकर संक्रांति पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और आस्था के साथ-साथ स्वच्छता का संदेश भी मजबूती से जाएगा।






