चौकी में सिसकती रही दुष्कर्म पीड़िता, आरोपी यू-ट्यूबर बोलता रहा अपशब्द
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सचेंडी थाना क्षेत्र से पुलिस व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के अगले ही दिन पीड़िता न्याय की आस लेकर भीमसेन पुलिस चौकी पहुंची, लेकिन वहां उसे संवेदनशीलता और सुरक्षा के बजाय अपमान, अपशब्द और खामोशी का सामना करना पड़ा।
चौकी में पीड़िता सिसकती रही, जबकि उसके सामने खड़ा आरोपी यू-ट्यूबर शिवबरन सिंह खुलेआम उसे और उसके भाई को गालियां देता रहा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पास ही कुर्सी पर बैठा निलंबित दरोगा अमित मौर्य सब कुछ देखते हुए भी चुप बैठा रहा। न किसी ने आरोपी को रोका, न पीड़िता को ढांढस बंधाया।
पांच दिन बाद वायरल हुआ वीडियो
घटना के पांच दिन बाद रविवार को चौकी के भीतर की बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में पीड़िता अपने भाई के साथ चौकी में बैठी दिखाई दे रही है। वहीं निलंबित भीमसेन चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार, आरोपी दरोगा अमित मौर्य और यू-ट्यूबर शिवबरन सिंह भी नजर आते हैं। वीडियो में साफ सुनाई देता है कि चौकी इंचार्ज पीड़िता से पूछते हैं कि क्या वह आरोपी को पहचानती है। इस पर पीड़िता का भाई शिवबरन की ओर इशारा करते हुए कहता है—“इनसे पूछिए।” तभी आरोपी शिवबरन अपशब्द बोलते हुए कहता है—“मैं खुद वहां नहीं था, तो दूसरे के बारे में क्या बताएं।
वीडियो बनाने की भी जांच
वीडियो में यह भी सामने आया है कि दरोगा खुद किसी से वीडियो बनाने को कह रहा है। आशंका जताई जा रही है कि वीडियो किसी पुलिसकर्मी ने ही बनाया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि वीडियो किसने और किस उद्देश्य से रिकॉर्ड किया।
दरोगा पर इनाम, यू-ट्यूबर जेल में
मामले में पीड़िता की पहचान होने के बाद पुलिस ने आरोपी यू-ट्यूबर शिवबरन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, उसका साथी निलंबित दरोगा अमित मौर्य अभी फरार है। पुलिस कमिश्नर ने फरार दरोगा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने पुलिस की कार्यप्रणाली, संवेदनशीलता और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस चौकी में पीड़िता को सुरक्षा और सहानुभूति मिलनी चाहिए थी, वहीं उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। यह भी देखा जाएगा कि वीडियो पुलिस ने बनवाया या किसी अन्य व्यक्ति ने।
न्याय की राह अब भी कठिन
यह घटना न केवल एक नाबालिग के साथ हुए जघन्य अपराध की कहानी है, बल्कि उस सिस्टम की भी पोल खोलती है, जो कई बार पीड़ित को ही कठघरे में खड़ा कर देता है। अब देखना यह है कि जांच और कार्रवाई कितनी निष्पक्ष और तेज होती है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और दोषियों को सख्त सजा।






