पलक झपकते लूट, पलक झपकते गिरफ्तारी: कानपुर पुलिस की तेज कार्रवाई ने लुटेरे को दिया सबक
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर दक्षिण के व्यस्त इलाकों में जहां दिन-रात ट्रैफिक और भीड़ का शोर रहता है, वहां एक छोटी-सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। बुधवार की शाम ठीक ऐसी ही एक घटना ने सरिता द्विवेदी की जिंदगी को हिला दिया। जूही बारादेवी की रहने वाली सरिता अपने पति संजय द्विवेदी के साथ बाइक पर सवार होकर नवाबगंज स्थित चेस्ट हॉस्पिटल से अपने पिता को दिखाकर लौट रही थीं।
पति बाइक चला रहे थे, सरिता पीछे बैठीं।
एचबीटीयू (हर्षद बाबू टेक्निकल यूनिवर्सिटी) के पास पहुंचते ही एक बाइक सवार लुटेरे ने अचानक झपट्टा मारा। पल भर में सरिता का पर्स छीन लिया और धूल चटाते हुए फरार हो गया। पर्स में दो मोबाइल फोन, दो हजार रुपये नगद और जरूरी कागजात थे जो किसी आम परिवार के लिए बहुत मायने रखते हैं।
पुलिस की सतर्कता और टेक्नोलॉजी का कमाल
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी दक्षिण अतुल श्रीवास्तव ने तुरंत एक्शन लिया। कानपुर पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में कैद हुई बाइक, लुटेरे की पोशाक और उसकी हरकतें पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बनीं।
तेज जांच और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने जल्द ही आरोपी की पहचान कर ली। आरोपी प्रशांत मिश्रा उर्फ मंगल, जो औरैया जनपद के बिधूना साहूपुर का निवासी है, को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब्त किया
लूट में इस्तेमाल की गई बाइक
दोनों मोबाइल फोन
1500 रुपये नगद
मूल पर्स और अन्य सामान
एक सकारात्मक संदेश
यह घटना बताती है कि कानपुर पुलिस अब पहले से कहीं ज्यादा सतर्क और तकनीक-प्रधान हो चुकी है। जहां पहले ऐसी छोटी लूटों में दिनों तक जांच चलती थी, वहां अब घंटों में नतीजा सामने आ रहा है। डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि शहर में अपराधियों को कोई छूट नहीं मिलेगी – चाहे वह छोटी लूट हो या बड़ी वारदात।
सरिता द्विवेदी जैसी महिलाओं के लिए यह घटना एक सबक है – भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतें, पर्स को सुरक्षित रखें। लेकिन सबसे बड़ी राहत यह है कि पुलिस ने न सिर्फ लुटेरे को पकड़ा, बल्कि लगभग सारा सामान भी बरामद कर वापस लौटाया।
कानपुर में अपराध पर लगाम कसने की यह मिसाल दिखाती है कि जब पुलिस और जनता साथ मिलकर काम करें, तो अपराधी की हिम्मत टूट जाती है। आखिरकार, सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ पुलिस की नहीं, हम सबकी है।






