कारोबारी ने लगाया तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, एसीपी को सौंपी गई जांच
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में तीन करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक कारोबारी ने अपने साझेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त से शिकायत की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने जांच का जिम्मा एसीपी को सौंप दिया है।
किदवई नगर, नौबस्ता निवासी कारोबारी गौरव सिंह भदौरिया शुक्रवार को भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा समेत अन्य व्यापारियों के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस आयुक्त को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) में ठेकेदारी का कार्य करते हैं।
गौरव सिंह के अनुसार, इसी दौरान किदवई नगर निवासी रज्जन बाजपेयी ने उनके साथ मिलकर ठेकेदारी का काम करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद दोनों ने संयुक्त रूप से कार्य शुरू किया। आरोप है कि काम के दौरान करीब 30 करोड़ रुपये का भुगतान रज्जन बाजपेयी के खाते में आया, जिसमें से अधिकांश रकम गौरव सिंह को दी गई, लेकिन बाद में तीन करोड़ रुपये रोक लिए गए।
कारोबारी का आरोप है कि कई बार मांग के बावजूद रकम वापस नहीं की गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच एसीपी रंजीत कुमार को सौंप दी है। एसीपी ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, दूसरे पक्ष रज्जन बाजपेयी ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वह स्वयं करीब आठ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के शिकार हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था, जो फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है। मामला बड़े आर्थिक लेन-देन से जुड़ा होने के कारण जांच में बैंक खातों, ठेके से संबंधित कागजात और समझौतों को खंगाला जा रहा है।






