गजब का इनोवेशन कानपुर का सोलर बैग लैपटॉप से लेकर टैबलेट और स्मार्टवॉच तक करेगा चार्ज, IIT बॉम्बे ने भी सराहा
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संवाद 24 संवाददाता। अब मोबाइल फोन, लैपटॉप या टैबलेट चार्ज करने के लिए बिजली आपूर्ति पर निर्भर रहना जरूरी नहीं होगा। कानपुर के छात्रों ने ऐसा सोलर बैग तैयार किया है, जो सूरज की रोशनी से ऊर्जा लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने में सक्षम है। यह नवाचार खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं या लंबे समय तक घर से बाहर रहते हैं।
इस अभिनव सोलर चार्जिंग बैग को एलनहाउस बिजनेस स्कूल, कानपुर के छात्रों ने विकसित किया है। छात्रों के इस अनूठे नवाचार को आईआईटी बॉम्बे में आयोजित उद्यमिता सम्मेलन में न सिर्फ सराहा गया, बल्कि विशेषज्ञों और उद्यमियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया भी मिली।
IIT बॉम्बे से मिली नई दिशा
12 दिसंबर को आईआईटी बॉम्बे में आयोजित उद्यमिता सम्मेलन में सोलर बैग के प्रदर्शन के बाद छात्रों को तकनीकी विशेषज्ञों से कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले। सम्मेलन से लौटे छात्रों ने बताया कि इन सुझावों के आधार पर वे अपने प्रोडक्ट को और अधिक उन्नत और व्यावसायिक रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इस सोलर बैग को विकसित करने वाली टीम में एलनहाउस बिजनेस स्कूल के बीबीए द्वितीय वर्ष के छात्र यशराज, आकाश, अवंतिका और श्रेया शामिल हैं।
सोलर बैग की खासियत
सम्मेलन में प्रस्तुत सोलर बैग में इनबिल्ट सोलर पैनल और चार्जिंग यूनिट लगाई गई है। बैग के बाहरी हिस्से में लगा सोलर पैनल फोल्डेबल (मुड़ने योग्य) है, जिससे इसके टूटने की संभावना बेहद कम रहती है।
यह बैग फोटोवोल्टिक (PV) तकनीक पर आधारित है, जो सूर्य की रोशनी को सीधे बिजली में बदलती है। इसमें 10 वॉट का मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल लगाया गया है, जो सामान्य 3 से 5 वॉट के पैनलों की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली है। तेज धूप में यह पैनल लगभग 10 वॉट बिजली उत्पन्न करता है, जिससे बैग से जुड़ा 20,000 एमएएच का पावर बैंक करीब 8 से 10 घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाता है।
कई डिवाइस होंगे चार्ज
इस सोलर बैग की मदद से मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्टवॉच और अन्य छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आसानी से चार्ज किए जा सकते हैं। बैग का कुल वजन मात्र 400 ग्राम है, जिससे इसे कहीं भी ले जाना आसान है।
आईआईटी बॉम्बे में आयोजित स्टार्टअप प्रदर्शनी और नेटवर्किंग सत्र के दौरान लोगों ने इस सोलर बैग से अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करके भी देखा, जिससे इसकी उपयोगिता साबित हुई।
संस्थान का मिला पूरा सहयोग
छात्रों ने बताया कि इस नवाचार को तैयार करने में संस्थान के नवाचार अधिकारी माधवेन्द्र प्रताप सिंह का विशेष मार्गदर्शन मिला। वहीं, संस्थान निदेशक डॉ. रुबी चावला, डीन सौरभ शुक्ला, संयुक्त सचिव जावेद हाशमी और चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने छात्रों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
यह सोलर बैग न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा देता है। छात्रों का यह नवाचार भविष्य में बाजार में उतरा तो यह आम लोगों की रोजमर्रा की बड़ी समस्या का सरल समाधान बन सकता है।






