तिर्वा में सर्किल दर बढ़ोतरी पर वकीलों का विरोध, एक दिवसीय हड़ताल से प्रशासन पर दबाव
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संवाद 24 कन्नौज। तिर्वा तहसील में प्रस्तावित सर्किल दर वृद्धि को लेकर वकीलों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से नई सर्किल दर सूची पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। वकीलों का कहना है कि एक वर्ष के भीतर दूसरी बार सर्किल दरों में वृद्धि का प्रस्ताव आम जनता और विशेषकर किसानों के हितों के खिलाफ है।
एक वर्ष में दूसरी बार दर वृद्धि का विरोध तेज
जिला प्रशासन द्वारा पिछले वर्ष सितंबर माह में भूमि बैनामों की सरकारी दरों में वृद्धि की गई थी। अब एक वर्ष पूर्ण होने से पहले ही पुनः नई सर्किल दर सूची जारी किए जाने की सूचना से अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। उनका आरोप है कि इतनी कम अवधि में बार-बार दरों में बदलाव से भूमि क्रय-विक्रय प्रभावित होगा और आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
किसानों की स्थिति को लेकर जताई चिंता
पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में बेमौसम बारिश के कारण किसान पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में यदि सर्किल दरों में वृद्धि होती है, तो भूमि रजिस्ट्री और बैनामे की लागत बढ़ेगी, जिससे किसानों की परेशानियां और बढ़ेंगी। अधिवक्ता मनोज राजपूत ने सुझाव दिया कि हाल ही में बनी सर्किल दर सूची में ही आवश्यक संशोधन कर समाधान निकाला जाए।
ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
विरोध प्रदर्शन के बाद वकीलों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और उपनिबंधक को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में अशोक राजपूत, बलराम सिंह, संजीव तिवारी, राजेश चौहान, राजेंद्र राजपूत, कमलेश पाल, सलमान, संजय सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।
प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है मुद्दा
सर्किल दर वृद्धि का यह मुद्दा अब स्थानीय स्तर पर गंभीर रूप लेता दिख रहा है। यदि प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच जल्द सहमति नहीं बनती, तो यह विरोध आगे चलकर बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे राजस्व व्यवस्था और रजिस्ट्री कार्य प्रभावित होने की संभावना है।






