नजरापुर में स्मार्ट मीटर पर बवाल: ग्रामीणों ने टीम लौटाई, भाजपा जिलाध्यक्ष का सख्त रुख”

कन्नौज जनपद के ग्राम नजरापुर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर शुक्रवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब बिजली विभाग की टीम मीटर लगाने पहुंची। ग्रामीणों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया और स्पष्ट रूप से टीम को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर से बिजली बिल में अनियंत्रित वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ता आर्थिक दबाव में आ रहे हैं—ऐसी शिकायतें प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सामने आ चुकी हैं।

जब तक जनता संतुष्ट नहीं, नहीं लगेगा मीटर: भाजपा जिलाध्यक्ष की दो टूक”

घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों का पक्ष सुना और स्पष्ट कहा कि बिना सहमति के किसी भी उपभोक्ता पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर थोपना उचित नहीं है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “जब तक जनता पूरी तरह संतुष्ट नहीं होगी, तब तक कोई भी जबरदस्ती नहीं चलेगी।”
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिलाध्यक्ष स्मार्ट मीटर में तकनीकी खामियों और बढ़े हुए बिलों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।

प्रदेश में बढ़ रहा विरोध, सरकार ने भी दी आंशिक राहत

प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर उत्तर प्रदेश में लगातार विरोध देखने को मिल रहा है। हाल ही में राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए प्रीपेड सिस्टम की अनिवार्यता खत्म कर दी है, हालांकि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। यह फैसला बढ़ते जनविरोध के बीच लिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है।नजरापुर की घटना एक बड़े जनआक्रोश का संकेत है, जहां तकनीकी अविश्वास और बढ़ते बिलों की शिकायतों के चलते ग्रामीणों ने खुलकर विरोध किया। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष का सख्त रुख इस मुद्दे को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर और गंभीर बना सकता है। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और किसानों को मिलने वाली राहत पर टिकी हैं।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News