कन्नौज में सियासी हलचल: जिला पंचायत अध्यक्ष पर पिता के किडनैपिंग का आरोप
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कन्नौज जनपद में उस समय सनसनी फैल गई जब जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य पर उनके ही पिता के कथित अपहरण का गंभीर आरोप सामने आया। मामला इंदरगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पारिवारिक विवाद अब कानूनी और राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। आरोप लगाने वाले कोई और नहीं, बल्कि उनके फुफेरे भाई रामकिशोर हैं, जिन्होंने पुलिस से शिकायत कर पूरे घटनाक्रम को उजागर किया है।
कथा पंडाल से शुरू हुआ विवाद, वीडियो बना वजह
बताया जा रहा है कि 5 अप्रैल को छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के कल्यानपुर गांव में आयोजित एक बौद्ध कथा कार्यक्रम में रामप्रकाश शाक्य (प्रिया शाक्य के पिता) मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने अपनी बेटी प्रिया शाक्य और दामाद ओमकार शाक्य पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने मामले को और गरमा दिया।
जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए” – फुफेरे भाई का आरोप
रामकिशोर के अनुसार, 7 अप्रैल को प्रिया शाक्य अपने पति और समर्थकों के साथ कई गाड़ियों में मढ़पुरा गांव पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि रामप्रकाश शाक्य, जो कि दृष्टिबाधित हैं, को जबरन घर से उठाकर गाड़ी में डाल लिया गया। इतना ही नहीं, घर में ताला लगाकर उन्हें अपने साथ ले जाने की बात भी कही गई। घटना के दौरान रामप्रकाश द्वारा मदद के लिए पुकारने का भी दावा किया गया है।
पुराना पारिवारिक विवाद बना विवाद की जड़
जांच में सामने आया कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों पुराने पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। रामप्रकाश शाक्य ने करीब 14 साल पहले अपनी बेटी प्रिया शाक्य से रिश्ता तोड़ लिया था, जब उन्होंने उनकी इच्छा के विरुद्ध ओमकार शाक्य से विवाह किया था। इसके बाद से परिवार में लगातार मतभेद और कानूनी विवाद चलते रहे, जिनमें कई मुकदमे भी शामिल हैं।
संपत्ति और पेंशन को लेकर भी आरोप
रामकिशोर ने यह भी आरोप लगाया कि प्रिया शाक्य और उनके पति द्वारा रामप्रकाश की पेंशन और संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि सेवानिवृत्ति के बाद से करीब 80 लाख रुपये की राशि अटकी हुई है, जिस पर परिवार के भीतर विवाद चल रहा है। साथ ही, पैतृक संपत्ति को लेकर भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
फोन पर बात नहीं करने दे रहे” – रिश्तेदारों की चिंता
परिवार के अन्य सदस्यों का आरोप है कि रामप्रकाश शाक्य से सीधे संपर्क नहीं हो पा रहा है। कॉल करने पर दामाद ओमकार शाक्य फोन उठाते हैं और बात कराने से मना कर देते हैं। इससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है, और उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रिया शाक्य का जवाब: “पिता बीमार थे, इसलिए साथ लाए”
इन सभी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रिया शाक्य ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता की तबीयत खराब थी, इसलिए वे उन्हें अपने साथ इलाज और देखभाल के लिए लेकर आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में सब कुछ सामान्य है और अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
रामकिशोर का आरोप है कि जब उन्होंने एसपी बिनोद कुमार से शिकायत की, तो इसे पारिवारिक मामला बताकर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई गई। हालांकि, इस संवेदनशील मामले में पुलिस की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
पारिवारिक विवाद या आपराधिक मामला।
यह पूरा प्रकरण अब कई सवाल खड़े करता है—क्या यह महज पारिवारिक विवाद है या वास्तव में अपहरण जैसा गंभीर अपराध हुआ है? फिलहाल, दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं और सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने कन्नौज की राजनीति और समाज में हलचल जरूर पैदा कर दी है।






