लोकतंत्र सेनानी रामनारायण बर्मा को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
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नादेमऊ क्षेत्र के नंदपुर गांव में लोकतंत्र सेनानी रामनारायण सिंह बर्मा (लगभग 70 वर्ष) के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए समर्पित एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम सलामी
नंदपुर गांव में आयोजित अंतिम विदाई कार्यक्रम में प्रशासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देकर दिवंगत सेनानी को सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे वातावरण में शोक और सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। राजनीतिक क्षेत्र से भाजपा कन्नौज जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, क्षेत्रीय विधायक कैलाश राजपूत तथा पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से तिर्वा एसडीएम, सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह और सौरिख थाना प्रभारी जयंती प्रसाद गंगवार समेत अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
परिजनों ने निभाई अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी
अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं में उनके पुत्र अनिल बर्मा, शिवम् राजपूत तथा भतीजे राजीव बर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिवार के साथ-साथ गांव के गणमान्य नागरिकों ने भी सहयोग करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोकतंत्र सेनानियों का योगदान प्रेरणादायक
इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का योगदान समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों के संघर्ष और त्याग को सदैव याद रखा जाना चाहिए।
शोक संवेदना और प्रार्थना
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। क्षेत्र के लोगों ने इसे एक अपूरणीय क्षति बताया।






