कन्नौज में समाधान दिवस: शिकायतों की बाढ़, मौके पर सीमित निस्तारण
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कन्नौज में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस एक बार फिर आमजन की समस्याओं का आईना बनकर सामने आया। प्रशासन को कुल मिलाकर सैकड़ों शिकायतें प्राप्त हुईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जमीनी स्तर पर अभी भी कई मुद्दे लंबित हैं और जनता सीधे प्रशासन से समाधान की उम्मीद लगाए बैठी है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सदर तहसील में आयोजन
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में सदर तहसील में समाधान दिवस का आयोजन हुआ। यहां कुल 153 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से मात्र 16 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए।इस दौरान प्रशासनिक तत्परता का एक उदाहरण भी देखने को मिला, जब 8 लोगों की खतौनी में संशोधन कर उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया गया, जिससे राजस्व मामलों में राहत मिली।
तिर्वा और छिबरामऊ में भी भारी संख्या में शिकायतें
तहसील तिर्वा में आयोजित समाधान दिवस में 128 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से केवल 8 का मौके पर निस्तारण हो सका।
वहीं छिबरामऊ में स्थिति थोड़ी बेहतर रही, जहां 162 शिकायतों में से 22 का तत्काल समाधान किया गया।इन आंकड़ों से साफ है कि शिकायतों की संख्या के मुकाबले मौके पर निस्तारण का प्रतिशत अभी भी काफी कम है।
लापरवाही पर सख्त रुख, मौके पर निरीक्षण के निर्देश
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि चकमार्ग, बिजली आपूर्ति, नाली और खड़ंजा निर्माण जैसे बुनियादी मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करें और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
जनकल्याण योजनाओं पर विशेष जोर
समाधान दिवस के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन और निराश्रित महिला पेंशन जैसी योजनाओं से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे। इसके लिए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
समयबद्ध निस्तारण और जवाबदेही तय
प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे तक कार्यालय में उपस्थित होकर आमजन की समस्याएं सुनें। साथ ही समाधान दिवस में प्राप्त सभी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्वदेश गुप्ता, प्रभागीय वनाधिकारी हेमंत सेठ सहित अन्य जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
शिकायतें अधिक, समाधान की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत
समाधान दिवस का उद्देश्य जनता को त्वरित राहत देना है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि शिकायतों की तुलना में मौके पर समाधान अभी भी सीमित है। ऐसे में प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि न सिर्फ शिकायतों का निस्तारण हो, बल्कि वह समय पर और संतोषजनक भी हो, ताकि जनता का भरोसा मजबूत बना रहे।






