कन्नौज में किसानों का उबाल: टिकैत की हिरासत के खिलाफ रात में धरना
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कन्नौज में किसानों का आक्रोश उस समय सामने आया जब राकेश टिकैत को ओडिशा में हिरासत में लिए जाने की खबर फैली। इस घटना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) से जुड़े स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरसहायगंज कोतवाली के बाहर देर रात सांकेतिक धरना शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन संगठन के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित किया गया था।
गुरसहायगंज कोतवाली बना विरोध का केंद्र
रात लगभग 9:15 बजे प्रदेश उपाध्यक्ष शमीम सिद्दीकी के नेतृत्व में किसान नेता और कार्यकर्ता कोतवाली परिसर के बाहर जुटे। अचानक हुए इस धरने से प्रशासन में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी अजय अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए।
स्थानीय पुलिस से नहीं, ओडिशा कार्रवाई से है नाराजगी
धरना स्थल पर बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध कन्नौज या उत्तर प्रदेश पुलिस से नहीं है। शमीम सिद्दीकी ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल ओडिशा में हुई कार्रवाई के खिलाफ है, जहां राकेश टिकैत को एक किसान पंचायत में शामिल होने के दौरान हिरासत में लिया गया। इस बयान से प्रदर्शन का उद्देश्य स्पष्ट हुआ और स्थानीय स्तर पर तनाव कम करने में मदद मिली।
समझाइश के बाद समाप्त हुआ धरना
करीब एक घंटे तक चले इस धरने को पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद समाप्त कर दिया गया। किसान नेता शांतिपूर्वक वहां से लौट गए, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। प्रशासन ने भी संयमित रवैया अपनाते हुए स्थिति को संभाला।
आंदोलन की चेतावनी: आगे बढ़ सकता है विरोध
धरना समाप्त होने के बावजूद किसान नेताओं ने स्पष्ट संकेत दिए कि मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ है। शमीम सिद्दीकी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही टिकैत को रिहा नहीं किया गया, तो संगठन के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस प्रदर्शन में डॉ. साजिद हुसैन, सत्यम प्रजापति, शहरोज, राहुल, अकील, रिजवान अहमद, इकबाल, बबलू, पवन कुमार, अवधेश ठाकुर और जितेंद्र सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।






