कन्नौज के सरकारी स्कूलों की हकीकत: 9 शिक्षक तैनात, लेकिन स्कूल खाली!

कन्नौज जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामला छिबरामऊ क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी के पीछे स्थित एक कम्पोजिट विद्यालय का है, जहां निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली स्थिति सामने आई—विद्यालय में तैनात 9 शिक्षकों में से एक भी मौके पर मौजूद नहीं मिला।

छुट्टी से पहले ही खाली हो गया स्कूल

गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे, जब विद्यालय का समय अभी समाप्त होने में एक घंटा शेष था, तब स्कूल परिसर में न तो कोई स्थायी शिक्षक मौजूद था और न ही पढ़ाई का माहौल। केवल 8 से 10 बच्चे खेलते नजर आए और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी एक प्रशिक्षु शिक्षक, अनूप कुमार के भरोसे थी।प्रशिक्षु शिक्षक के अनुसार, विद्यालय में कुल 9 शिक्षक तैनात हैं। एक शिक्षिका थोड़ी देर के लिए आईं, लेकिन किसी कारणवश जल्दी चली गईं, जबकि अन्य शिक्षक “एसआईआर कार्य” में व्यस्त बताए गए।

व्यवस्था पर सवाल: क्या यही है सरकारी शिक्षा का स्तर?

यह घटना केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं मानी जा रही। क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में नियमित रूप से शिक्षकों की अनुपस्थिति की शिकायतें सामने आती रही हैं। समय से पहले विद्यालय छोड़ देना या बिना सूचना अनुपस्थित रहना, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

बदहाल सुविधाएं: शौचालय जर्जर, गंदगी से परेशानी

विद्यालय की स्थिति केवल शिक्षकों की अनुपस्थिति तक ही सीमित नहीं है। परिसर में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव दिखा। शौचालय जर्जर हालत में हैं और चारों ओर गंदगी फैली हुई है, जिससे विशेषकर छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: कार्रवाई का आश्वासन

इस पूरे मामले पर खंड शिक्षा अधिकारी आनंद दुबे ने कहा कि बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सवाल यह है कि क्या केवल कार्रवाई की बात करने से जमीनी हकीकत बदलेगी?

बड़ा सवाल: बच्चों का भविष्य किसके भरोसे?

जब शिक्षक ही विद्यालय से नदारद हों और बुनियादी सुविधाएं भी बदहाल हों, तो ऐसे में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य किस दिशा में जाएगा—यह एक गंभीर चिंतन का विषय है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केवल आदेश नहीं, बल्कि सख्त निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News