11 दिन से ठप ट्रांसफार्मर: 29 गांवों की बिजली संकट में घिरी जिंदगी
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कन्नौज जनपद के अमोलर उपकेंद्र पर बीते 11 दिनों से एक 5 एमबीए ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है, जिससे क्षेत्र के करीब 29 गांवों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है। तकनीकी खराबी के कारण पूरे उपकेंद्र का भार अब एक ही ट्रांसफार्मर पर आ गया है, जिससे बिजली व्यवस्था चरमरा गई है और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक ट्रांसफार्मर पर पूरा लोड, व्यवस्था चरमराई
अमोलर उपकेंद्र पर स्थापित दो बड़े ट्रांसफार्मरों में से एक के खराब हो जाने के बाद दूसरा ट्रांसफार्मर ओवरलोड की स्थिति में काम कर रहा है। इससे बिजली विभाग को मजबूरी में रोस्टर के अनुसार आपूर्ति करनी पड़ रही है। नतीजतन, ग्रामीणों को रोजाना लगभग 16 घंटे तक बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई मुश्किलें
गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही बिजली संकट ने लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। पीने के पानी, खेती-बाड़ी और दैनिक कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी साफ देखी जा रही है और जल्द समाधान की मांग तेज हो गई है।
इन 29 गांवों पर सबसे ज्यादा असर
इस बिजली संकट का असर बिचपुरवा, मझैइया, मवैइया, भवनियापुर, ढीपारा, नेपालपुर, पहलपुरवा, ककराह, कैथनपुरवा, तेरारब्बू समेत कुल 29 गांवों पर पड़ा है। इन गांवों में अंधेरे और गर्मी ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है।
चार दिन से मरम्मत जारी, अब तक नहीं मिली सफलता
अवर अभियंता भूपेंद्र सिंह, अनिल राम और अभिषेक की टीम पिछले चार दिनों से लगातार ट्रांसफार्मर को ठीक करने में जुटी है, लेकिन अभी तक तकनीकी खराबी दूर नहीं हो सकी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, समस्या जटिल नहीं है, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे ठीक करने में देरी हो रही है।
विभाग का दावा: “जल्द होगा समाधान”
एसडीओ अगस्त मौर्य के अनुसार, ट्रांसफार्मर की जांच की जा चुकी है और इसमें मामूली तकनीकी खराबी पाई गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक-दो दिन में टीम दोबारा मौके पर जाकर ट्रांसफार्मर को चालू करा देगी। तब तक रोस्टर के अनुसार ही बिजली आपूर्ति जारी रहेगी।
भरोसे और हकीकत के बीच फंसे ग्रामीण
एक ओर विभाग जल्द समाधान का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर 11 दिनों से अंधेरे में जी रहे ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कब यह ट्रांसफार्मर दुरुस्त होगा और क्षेत्र में सामान्य बिजली आपूर्ति बहाल हो पाएगी।






