कन्नौज के लाखन तिराहे पर बिजली पोल में लगी आग, क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित
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शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल लाखन तिराहे पर सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सड़क किनारे लगे एक बिजली के पोल में अचानक आग लग गई। आग लगने से पोल पर लगे केबल और वितरण बॉक्स जल गए, जिससे आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए ठप हो गई। स्थानीय लोगों और दुकानदारों की सतर्कता के कारण समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
धमाके के साथ शुरू हुई स्पार्किंग, केबलों में लगी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय अचानक बिजली के तारों में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद स्पार्किंग शुरू हो गई। देखते ही देखते पोल से बंधी बिजली की केबलों में आग भड़क उठी। घटना के बाद आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तत्काल पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की।
जर्जर पोल और ढीले तारों से पहले भी जताई जा चुकी थी आशंका
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि लाखन तिराहा लंबे समय से जर्जर बिजली पोल और ढीले तारों की समस्या से जूझ रहा है। कई बार बिजली विभाग से शिकायत भी की गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत या बदलाव नहीं होने से ऐसी घटना सामने आई। लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र शहर का अत्यंत व्यस्त और घनी आबादी वाला हिस्सा है, इसलिए यहां इस तरह की लापरवाही बड़े खतरे को न्योता दे सकती है।
पुलिस ने रोका यातायात, बिजली विभाग ने बंद की सप्लाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई और सुरक्षा के लिहाज से कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया। वहीं बिजली विभाग ने उपकेंद्र से तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर दी। इसके बाद स्थानीय लोगों और बिजली कर्मियों ने मिलकर आग पर पूरी तरह काबू पाया।
ओवरलोडिंग और शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा कारण
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता मगन सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह ओवरलोडिंग और शॉर्ट-सर्किट मानी जा रही है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बिजली आपूर्ति बंद कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। बाद में क्षतिग्रस्त केबलों और उपकरणों की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
सतर्कता से टला बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलते हुए तार नीचे गिर जाते या किसी राहगीर की चपेट में आ जाते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि समय रहते लोगों की सूझबूझ और विभागीय कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में आ गई। घटना के बाद क्षेत्र के नागरिकों ने बिजली व्यवस्था की नियमित जांच और जर्जर पोल-तारों को जल्द बदलने की मांग उठाई है।






