कन्नौज इत्रोत्सव–2026 का भव्य आगाज: खुशबू, संस्कृति और उद्योग का अनूठा संगम

उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक नगर कन्नौज में “कन्नौज इत्रोत्सव–2026” का भव्य शुभारंभ बोर्डिंग ग्राउंड में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिले की प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी और समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी, इत्र स्टॉल और विभिन्न फूड स्टॉल का अवलोकन कर स्थानीय उत्पादों और कारीगरों की सराहना की। इस तीन दिवसीय आयोजन का उद्देश्य कन्नौज की पारंपरिक इत्र उद्योग और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

सदियों पुरानी खुशबू की विरासत को मिलेगा नया मंच

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि कन्नौज सदियों से इत्र की राजधानी के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध रहा है। यहां के कारीगरों की मेहनत और पारंपरिक कौशल ने इस शहर को विशिष्ट पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि कन्नौज की मिट्टी, फूलों और कारीगरों की कला से जुड़ी खुशबू ही इस शहर की असली पहचान है। इस इत्रोत्सव का उद्देश्य कारीगरों, व्यापारियों और उद्यमियों को एक साझा मंच देकर कन्नौज के इत्र की प्रभावी ब्रांडिंग करना और इसे वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है।

उद्योग, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि यह तीन दिवसीय इत्रोत्सव उत्साह, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर के इत्र महोत्सव का रूप ले सकता है। इससे कन्नौज के इत्र उद्योग, पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। कन्नौज की पारंपरिक इत्र निर्माण कला पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है और इसे संरक्षित करने के साथ-साथ आधुनिक बाजार से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा

इत्रोत्सव के पहले दिन विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। राधा रानी बृज संस्कृति कला समिति, मथुरा द्वारा भजन गायन और नृत्य प्रस्तुति दी गई, जबकि लखनऊ की नृत्यांजलि फाउंडेशन ने रामायण और गंगावतरण पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान देश की विविध सांस्कृतिक झलकियों ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।

शिल्प, व्यंजन और स्थानीय उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र

इत्रोत्सव में इत्र उद्योग से जुड़े स्टॉल, हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी और विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल लगाए गए हैं। यहां स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का अवसर मिल रहा है। आयोजन में शिल्प मेला और व्यापार मेला भी प्रमुख आकर्षण हैं, जिससे कन्नौज की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

इस अवसर पर तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक बिनोद कुमार, सीडीओ आर.के. चौधरी, एडीएम देवेंद्र सिंह, एएसपी अजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट वैशाली, डीडीओ नरेंद्र देव द्विवेदी, जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. एम. मकबूल और सीएम टूरिज्म फेलो नमन दुआ अभिषेक पांडेय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

इत्र की वैश्विक पहचान को मजबूत करने की पहल

विशेषज्ञों के अनुसार कन्नौज का इत्र उद्योग सैकड़ों वर्षों पुराना है और इसे भौगोलिक संकेतक (GI) का दर्जा भी प्राप्त है। यही कारण है कि कन्नौज को “भारत की इत्र राजधानी” के रूप में जाना जाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से इस पारंपरिक उद्योग को नई पहचान और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News