कन्नौज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 121 जोड़े बने जीवनसाथी, उमर्दा में भव्य समारोह
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उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत कन्नौज जिले के उमर्दा विकास खंड में शुक्रवार को भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। स्वामी ग्रीशानंद डिग्री कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 121 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। कार्यक्रम में नवदंपतियों और उनके परिजनों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।
हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाज से संपन्न हुए विवाह
इस सामूहिक विवाह समारोह में 119 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सात फेरों के साथ संपन्न कराया गया, जबकि 2 जोड़ों ने मुस्लिम परंपरा के अनुसार निकाह कबूल किया। धार्मिक परंपराओं और सामाजिक समरसता के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी दिया।
विधायक कैलाश राजपूत और डीएम ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ तिर्वा विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैलाश राजपूत और जिलाधिकारी आशुतोष मोहन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बनी योजना
विधायक कैलाश राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ा सहारा साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कराया जा रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश भी जा रहा है।
नवविवाहित जोड़ों को दिए गए उपहार
राज्य सरकार की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए कई आवश्यक उपहार प्रदान किए गए। इनमें कपड़े, चांदी की पायल, बिछिया, स्टील डिनर सेट, प्रेशर कुकर, ट्रॉली बैग, वैनिटी किट और दीवार घड़ी शामिल हैं। प्रशासन ने बताया कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सहयोग के साथ सामाजिक सम्मान का भी माध्यम है।
सामाजिक समरसता और सहयोग का संदेश
सामूहिक विवाह समारोह के दौरान पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। परिजन और स्थानीय लोग नवदंपतियों को आशीर्वाद देते नजर आए। इस आयोजन ने न केवल कई परिवारों की आर्थिक जिम्मेदारी हल्की की, बल्कि समाज में सहयोग, समरसता और सामूहिकता का संदेश भी दिया।






