छिबरामऊ में पांच माह से सूखा रजबाह, किसान सिंचाई संकट से जूझ रहे
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संवाद 24 संवाददाता। छिबरामऊ विकासखंड क्षेत्र में नगला वल्देव से वेहटा खास तक जाने वाला रजबाह पिछले लगभग पांच माह से सूखा पड़ा है। पानी न आने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रबी फसलों की सिंचाई प्रभावित होने से किसानों की लागत बढ़ रही है और उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि रजबाह में पानी न पहुंचने के कारण वे मजबूरी में ट्यूबवेल और बिजली आधारित सिंचाई पर निर्भर हैं। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ गया है। कई किसानों ने बताया कि बारिश पर निर्भरता बढ़ने से फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित हो रही हैं।
उल्लेखनीय है कि इस रजबाह परियोजना को वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में डार्क जोन के अंतर्गत स्वीकृति मिली थी। योजना के तहत इसे बेवर से तालग्राम होते हुए जलालाबाद तक निकाला जाना प्रस्तावित था, ताकि क्षेत्र को स्थायी सिंचाई सुविधा मिल सके और किसानों की बिजली पर निर्भरता कम हो।
करीब एक वर्ष पूर्व प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा रजबाह का लोकार्पण किया गया था। किसानों का आरोप है कि लोकार्पण के बाद भी न तो नियमित रूप से पानी छोड़ा गया और न ही नहर व रजबाह की समुचित सफाई कराई गई। इससे पूरे तंत्र की उपयोगिता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
किसान राहुल सिंह ने बताया कि उद्घाटन के बाद भी स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। वहीं किसान राजेश भदौरिया के अनुसार कई स्थानों पर अधूरा निर्माण कार्य पड़ा है। कहीं खेतों की खुदाई अधूरी है तो कहीं सड़क काटकर अस्थायी डोल डाल दिए गए हैं, जिससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में जूनियर इंजीनियर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि नहर का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है। विभागीय स्तर पर शेष कार्य तेजी से कराया जा रहा है और मार्च तक कार्य पूर्ण होने के बाद ही रजबाह में नियमित रूप से पानी छोड़ा जाएगा।
ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर रजबाह में पानी छोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र की हजारों बीघा भूमि को समय पर सिंचाई सुविधा मिल सके और किसानों को राहत मिल सके।






