सौरिख में बिजली ठेकेदार पर गबन का आरोप, जेई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। सौरिख क्षेत्र में बिजली विभाग के एक ठेकेदार के खिलाफ सरकारी सामान के कथित गबन का मामला सामने आया है। विभाग की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि ठेकेदार ने दो वर्ष पूर्व मरम्मत कार्य के लिए विभाग से सामान प्राप्त किया, लेकिन निर्धारित कार्य अब तक पूरा नहीं किया गया।
बिजली उपखंड सौरिख के अवर अभियंता (जेई) दिलीप कुमार शर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि सौरिख-छिबरामऊ 33 केवीए विद्युत लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। गर्मी के मौसम में तार टूटने और आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। वर्ष 2023-24 में इस लाइन को बदलने और मरम्मत का कार्य मेसर्स ऐसेटिक इलेक्ट्रिक, इटावा को सौंपा गया था।
तहरीर के अनुसार, कंपनी के कन्नौज स्थित फील्ड सुपरवाइजर अंशू ने मंडलीय कार्यालय से तार, पोल, क्रॉस पिन, इंसुलेटर और डिस्क सहित आवश्यक सामग्री प्राप्त कर ली थी। आरोप है कि सामग्री उठाने के बावजूद कार्यदायी संस्था द्वारा मौके पर काम शुरू नहीं कराया गया।
जेई के मुताबिक विभाग की ओर से कई बार फोन और पत्राचार के माध्यम से संबंधित कंपनी और सुपरवाइजर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इससे विभाग को आशंका है कि सरकारी सामग्री का दुरुपयोग या गबन किया गया हो सकता है।
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते जर्जर लाइन और पोल नहीं बदले गए तो आगामी गर्मियों में बिजली आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं फील्ड सुपरवाइजर अंशू ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि विभाग से जितनी सामग्री प्राप्त हुई थी, उसके अनुरूप कार्य कराया जा चुका है। हालांकि, विभाग का दावा है कि मौके पर कार्य अधूरा है।
थाना प्रभारी जयंती प्रसाद गंगवार ने बताया कि अवर अभियंता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस और विभागीय स्तर पर जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला लापरवाही का है या वास्तव में सरकारी सामग्री के गबन का।






