कन्नौज के सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर में खुदाई के दौरान मिला प्राचीन कुआं, परिसर में 7 कुओं की संभावना
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संवाद 24 संवाददाता। शहर के मकरंद नगर स्थित प्राचीन सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर परिसर में शिखर निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान एक प्राचीन कुआं मिलने से क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। मंदिर के गर्भगृह के समीप पिलर निर्माण के लिए कराई जा रही खुदाई के समय यह कुआं सामने आया।
मंदिर के पुजारी शिखर मिश्रा ने बताया कि जनसहयोग से मंदिर पर 101 फीट ऊंचे शिखर का निर्माण प्रस्तावित है। इसी क्रम में गर्भगृह के चारों कोनों पर पिलर डालने के लिए खुदाई कराई जा रही थी। गुरुवार को खुदाई के दौरान एक ओर की दीवार अचानक धंस गई, जिसके पीछे एक विशाल और गहरा कुआं दिखाई दिया।
प्राथमिक आकलन के अनुसार, यह कुआं लगभग 32 से 35 फीट गहरा बताया जा रहा है। फिलहाल इसकी संरचना और मजबूती का निरीक्षण किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच इस बात पर विचार-विमर्श चल रहा है कि प्राचीन कुएं को संरक्षित किया जाए या निर्माण कार्य की दृष्टि से उसे बंद किया जाए। अंतिम निर्णय मंथन के बाद लिया जाएगा।
पुजारी के अनुसार, मंदिर परिसर में पूर्व में कुल सात प्राचीन कुओं की मौजूदगी रही है। ऐसे में एक कुएं के मिलने के बाद शेष छह कुओं के भी अस्तित्व में होने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह परिसर ऐतिहासिक दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण माना जाएगा।
स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि इन कुओं के जल को अमृततुल्य माना जाता रहा है। लोगों का विश्वास है कि इस जल के सेवन से रोगों में लाभ मिलता है और इसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है। हालांकि, इन मान्यताओं की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
मंदिर से जुड़ी लोककथाओं के अनुसार, मां फूलमती की माता कन्नौज की रानी थीं और उनके सतीत्व से जुड़े कई प्रसंग प्रचलित हैं। जनश्रुति है कि वे कच्चे धागे से पात्र बांधकर कुएं से जल निकाल लेती थीं। हालांकि, इस संबंध में ऐतिहासिक प्रमाणों की पुष्टि अभी शेष है।
फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र को सीमित कर दिया गया है और निर्माण कार्य सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।





