निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं, रसूलपुर स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की तैयारी
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संवाद 24 संवाददाता। तालग्राम ब्लॉक स्थित रसूलपुर प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे-मील योजना के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। भोजन की गुणवत्ता कमजोर होने और दाल में अत्यधिक पानी मिलाने की शिकायत मिलने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संदीप सिंह ने तत्काल जांच के निर्देश दिए, जिसके बाद किए गए निरीक्षण में कई खामियां उजागर हुईं।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार विद्यालय में अनुपस्थित पाए गए, जबकि अनुचर गगन ही मौके पर मौजूद थे। सहायक अध्यापिका रेनू बाला 26 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक अवकाश पर हैं। विद्यालय में मिड-डे-मील का भोजन रसोइया कृष्णा कुमारी और शर्मिला द्वारा तैयार किया जा रहा था, लेकिन विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और निगरानी में लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई।
जांच में छात्रों की उपस्थिति भी बेहद कम पाई गई। कक्षा 6 में 22 में से केवल 5, कक्षा 7 में 12 में से 4 तथा कक्षा 8 में 16 में से मात्र 2 छात्र उपस्थित मिले। कुल उपस्थिति 11 रही, जो लगभग 22 प्रतिशत है। पिछले तीन दिनों की उपस्थिति भी लगातार घटती पाई गई, जिससे विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मिड-डे-मील से संबंधित अभिलेखों की जांच में भी अनियमितताएं सामने आईं। रसोइयों ने मेनू के अनुसार भोजन तैयार करने का दावा किया, लेकिन सोमवार को फल और दूध वितरण के संबंध में कोई दस्तावेज या फोटो प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया जा सका। साथ ही, मिड-डे-मील पंजिका में 9 सितंबर 2025 के बाद कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं पाई गई, जो योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक की उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर दर्ज थे, जबकि वे विद्यालय में मौजूद नहीं थे। इसे विभागीय नियमों का उल्लंघन मानते हुए जांच रिपोर्ट में संबंधित प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालयों में मिड-डे-मील योजना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।





