कसाबा में करोड़ों की पानी टंकी बनी शोपीस, लीकेज से सड़कें क्षतिग्रस्त; कई गांव अब भी पानी से वंचित
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संवाद 24 संवाददाता। छिबरामऊ विकासखंड के ग्राम पंचायत कसाबा में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित पेयजल योजना की पानी की टंकी वर्षों बाद भी ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ नहीं दे पा रही है। वर्ष 2015 में शुरू हुई यह परियोजना 2018 में पूर्ण होने के बावजूद आज तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं कर सकी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, टंकी से वर्तमान में केवल कुछ क्षेत्रों में आंशिक रूप से पानी की आपूर्ति हो रही है। कसाबा मडैया और कसाबा मेन बाजार में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज होने के कारण सड़कों पर लगातार पानी बह रहा है, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और राहगीरों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में सड़क पर हमेशा पानी भरा रहने से कीचड़ जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को परेशानी होती है। साथ ही पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। जिन गांवों में जलापूर्ति प्रस्तावित थी, उनमें कठाहार और नगला गांगिन जैसे गांव आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं। नगला गांगिन के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से पाइपलाइन बिछाने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हो सका है।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बजट की कमी के कारण कार्य कुछ समय तक प्रभावित रहा, हालांकि अब संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






