छिबरामऊ की गौशाला में बदहाल व्यवस्था, मृत गौवंशों के खुले शवों से फैली दुर्गंध
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। छिबरामऊ विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कसाबा के मजरा हरदयाल नगला स्थित गौशाला में लगातार गौवंशों की मौत और शवों के समुचित निस्तारण न होने से क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में मृत गौवंशों के शव कई स्थानों पर आधे मिट्टी में दबे हुए हैं, जबकि कुछ हिस्से खुले पड़े हैं। खुले शवों को आवारा कुत्तों द्वारा नोचे जाने से आसपास के इलाके में तेज दुर्गंध फैल रही है, जिससे लोगों का रहना और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला गांव के निकट होने के कारण समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गौशाला में लगभग 44 गौवंश मौजूद हैं और लगभग हर सप्ताह कई पशुओं की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पशुओं को पर्याप्त हरा चारा न देकर केवल सूखा भूसा खिलाया जा रहा है, जिससे पशु कमजोर होकर मर रहे हैं। उन्होंने पशुओं की देखभाल और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
गौशाला के केयरटेकर धर्मेंद्र ने बताया कि मृत गौवंशों को नियमानुसार दफनाया जाता है, लेकिन कई बार आवारा कुत्ते मिट्टी खोदकर शवों को बाहर निकाल देते हैं, जिससे ऐसी स्थिति बन जाती है।
मामले का संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी दीपांकर आर्य ने बताया कि जांच के लिए संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को मौके पर भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं सचिव गौरीशंकर तिवारी ने बताया कि ग्राम प्रधान से समन्वय कर आवश्यक सुधारात्मक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।






