लंबे संघर्ष के बाद आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल खत्म, जिले में स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद
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संवाद 24 संवाददाता। कन्नौज जिले में आशा कार्यकर्ताओं की लगभग 75 दिनों से चल रही हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई। सरकार द्वारा मानदेय संबंधी मांग पर सहमति जताने के बाद आशा बहुओं ने धरना स्थल पर खुशी जाहिर करते हुए जश्न मनाया और आंदोलन की समाप्ति की घोषणा की।
हड़ताल समाप्त होने के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने इसे अपनी एकजुटता और लंबे संघर्ष की जीत बताया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह केवल वेतन वृद्धि का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके परिश्रम और सम्मान की पहचान की जीत है। आंदोलन के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित रहीं, क्योंकि बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता कार्य से दूर रहीं।
ग्राम महिला बाल कल्याण एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष रानी देवी ने बताया कि संगठन ने प्रदेश स्तर के नेतृत्व के निर्देशन में आंदोलन को आगे बढ़ाया और मुख्य मांग स्वीकार होने के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता अब पुनः अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य संभालेंगी।
हालांकि संगठन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा तथा अन्य स्थायी सुविधाएं दिए जाने की मांग आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो भविष्य में फिर से व्यापक आंदोलन किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर प्रदेशभर में आशा कार्यकर्ता 15 दिसंबर से आंदोलन कर रही थीं। सरकार की सहमति के बाद जिले में धरना समाप्त होने से स्वास्थ्य सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।






