नारी सशक्तिकरण के दावों के बीच कन्नौज में विधवा दर-दर भटकने को मजबूर
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संवाद 24 संवाददाता। ठठिया थाना क्षेत्र से एक निराश्रित व विधवा महिला के साथ कथित पारिवारिक उत्पीड़न और प्रशासनिक उदासीनता का मामला सामने आया है। ग्राम मबईया निवासी फूलश्री पत्नी स्व. रामप्रकाश, जिनके पति का निधन वर्ष 2017 में हो चुका है, न्याय की गुहार लेकर बीते दो महीनों से दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पीड़िता के अनुसार, उनके पति की मृत्यु के बाद ससुराल पक्ष द्वारा खेत व मकान में उनका वैधानिक हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। महिला का आरोप है कि उनके देवर श्यामसुंदर पुत्र भगवानदीन न केवल हिस्सेदारी से इंकार कर रहे हैं, बल्कि महिला के हिस्से की भूमि पर जबरन मकान निर्माण भी कर रहे हैं। विरोध करने पर अभद्र भाषा, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
फूलश्री तीन पुत्रों और एक पुत्री की मां हैं। परिवार की रोज़ी-रोटी चलाने के लिए वे हरियाणा के गुरुग्राम में दिहाड़ी मजदूरी करती हैं। इसी बीच, संपत्ति विवाद के समाधान और सुरक्षा की मांग को लेकर वे कन्नौज जिले के विभिन्न अधिकारियों—जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, चौकी इंचार्ज और थाना अध्यक्ष—को लिखित प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई की सूचना नहीं है।
महिला का यह भी आरोप है कि संबंधित चौकी स्तर पर कब्जाधारी पक्ष की मदद की जा रही है, जबकि उनकी शिकायतों पर प्रभावी सुनवाई नहीं हो रही। इस कथित पक्षपात के कारण महिला को न्याय मिलने की उम्मीद धूमिल होती दिख रही है।
एक ओर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा नारी सशक्तिकरण और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर योजनाएं व अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर फूलश्री जैसी निराश्रित विधवा महिलाओं को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पीड़िता का कहना है कि आर्थिक तंगी और असुरक्षा के बीच उनका जीवन अत्यंत कठिन हो गया है।
मामले में प्रशासनिक पक्ष से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर महिला को उसके वैधानिक अधिकार और सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित की जाए।






