ठठिया में विशिष्ट आलू मंडी के आढ़तियों का प्रदर्शन, 5 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

उमर्दा (कन्नौज)। तिर्वा तहसील के ठठिया क्षेत्र स्थित विशिष्ट आलू मंडी में मंगलवार देर शाम आढ़तियों ने मंडी गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। आढ़तियों ने मंडी प्रशासन पर लापरवाही, अव्यवस्था और वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे 5 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

प्रदर्शन कर रहे आढ़तियों का कहना है कि मंडी सचिव की लापरवाही के कारण मंडी में आलू की आवक लगभग बंद हो चुकी है, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। आय में लगातार गिरावट के चलते दुकानों की किस्त जमा करना मुश्किल हो गया है। आढ़तियों ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व समाधान के उनके लाइसेंस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

आढ़तियों ने बताया कि जय मां ट्रेडिंग कंपनी, ब्रजेश यादव ट्रेडिंग, दुबे ट्रेडर्स, जयशंकर ट्रेडिंग कंपनी, वीरांगना ट्रेडर्स, शिव बाबा ट्रेडिंग कंपनी, मां अन्नपूर्णा ट्रेडिंग कंपनी, मनोकामना ट्रेडिंग कंपनी, किसान ट्रेडिंग कंपनी, आरके ट्रेडिंग कंपनी समेत अन्य आढ़तियों ने दुकानों के आवंटन के लिए लाखों रुपये जमा किए थे। उस समय मंडी प्रशासन की ओर से बेहतर व्यवस्थाओं और पारदर्शी संचालन के कई वादे किए गए थे, जो अब तक पूरे नहीं हुए।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंडी के संचालन के बावजूद सैकड़ों आलू व्यापारी सीधे किसानों से मंडी के बाहर खरीदारी कर रहे हैं, जबकि मंडी प्रशासन ने बाहर खरीद पर रोक का भरोसा दिया था। इसके अलावा मंडी परिसर में बैंक, पुलिस चौकी, पेयजल, साफ-सफाई और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। आढ़तियों ने आवंटित दुकानों की समय-सीमा बढ़ाने की मांग भी उठाई।

आढ़ती बृजकिशोर, प्रदीप सिंह और हरिमोहन सिंह ने बताया कि ठठिया की यह विशिष्ट आलू मंडी वर्ष में केवल दो माह ही संचालित होती है, जबकि शेष समय बंद रहती है। उनका कहना है कि मंडी समिति द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है, जबकि मंडी के बाहर अवैध रूप से संचालित आढ़तों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे वैध व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

वहीं, इस मामले में आलू मंडी सचिव रघुराज प्रताप सिंह ने बताया कि मंडी में संचालित दुकानों का प्रीमियम किराया बकाया है। इसी कारण नियमानुसार संबंधित लाइसेंसों पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि बकाया जमा होने के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

मंडी प्रशासन और आढ़तियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। अब सभी की निगाहें 5 फरवरी पर टिकी हैं, जब समाधान न होने की स्थिति में आढ़तियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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